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INS विशाखापट्टनम से बढ़ी भारतीय नौसेना की ताकत, रक्षामंत्री बोले- अपने नाम को करेगा सार्थक

INS Vishakhapatnam
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने INS विशाखापट्टनम(INS Vishakhapatnam) के कमीशन समारोह में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अपने नाम को सार्थक करते हुए समुद्री सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेगा. साथ ही भारतीय नौसेना की सराहना की तो वहीं बगैर चीन का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ गैर जिम्मेदार राष्ट्र UNCLOS का उल्लंघन कर रहे हैं. बता दें कि UNCLOS का मतलब संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि है.

आत्मनिर्भर भारत के प्रति नेवी की प्रतिबद्धता

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह(Rajnath Singh) ने कहा कि नेवी के आधुनिकीकरण के लिए जो बजट जारी किया गया, बीते पांच सालों में उसका दो-तिहाई से ज्यादा स्वदेशी खरीद पर खर्च किया गया. नेवी ने जिन 41 शिप, पनडुब्बी को ऑर्डर किया उनमें से 39 भारतीय शिपयार्ड से हैं. नेवी आत्मनिर्भर भारत के प्रति प्रतिबद्ध है.

समुद्री सुरक्षा एक अहम विषय

रक्षामंत्री ने कहा कि एमडीएसएल की ओर से निर्मित INS विशाखापट्टनम(INS Vishakhapatnam) की आज सफलतापूर्वक कमीशनींग हो रही है तो इसमें कोई शक नहीं कि आने वाले दिनों में न सिर्फ हम इस क्षेत्र में अपनी जरूरतें पूरी करेंगे बल्कि दुनिया भर की भी जरूरतों के लिए शिप बिल्डिंग करेंगे. उन्होंने कहा कि इंडो पैसिफेक(Indo-Pacific)  क्षेत्र से पूरी दुनिया के दो तिहाई से ज्यादा ऑयल शिपमेंट होता है. ऐसे में ये काफी अहम क्षेत्र है. आज हम ग्लोबलाइजेशन के युग मे जी रहे हैं, जहां व्यापार के लिए सभी राष्ट्र एक दूसरे पर निर्भर हैं, इसलिए समुद्री सुरक्षा अब पहले से ज्यादा अहम हो गई है.

INS Vishakhapatnam

Image Courtesy: Google.com

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत एक अहम देश

रक्षामंत्री ने कहा कि इंडो पैसिफिक क्षेत्र का भारत एक अहम देश है, इसलिए भारतीय नेवी का भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. दुनियाभर के देशों में आज मिलिट्री साजो-सामान की मांग बढ़ रही है. अगले दो साल में दुनिया भर में सुरक्षा पर खर्च होने वाला 2.1 ट्रिलियन यूएस डॉलर पहुंचने वाला है, ऐसे में हमारे पास पूरा अवसर है कि हम अपनी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करें.

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अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है कि INS विशाखापट्टनम

बता दें कि INS विशाखापट्टनम(INS Vishakhapatnam) अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है. 163 किलोमीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा INS विशाखापट्टनम दुनिया के मोस्ट एडवांस टेक्नोलॉजी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर में से एक है. इसमें जिन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, वह आज ही नहीं बल्कि भविष्य की जरूरतों पर भी खरे उतरेंगे.

INS Vishakhapatnam

Image Courtesy: Google.com

अत्याधुनिक मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर से लैस ये शिप केमिकल अटैक के वक्त भी सेफ रहेगा. यह 7400 टन से भी ज्यादा भार ढोने में सक्षम और 56 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकता है. इसके निर्माण में इस्तेमाल की गई 75 प्रतिशत सामग्री स्वदेशी है.

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