Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Wednesday / October 27.
Homeन्यूजराजस्थान में इस जगह हुई थी रावण की शादी, यहां रोजाना होती है रावण की पूजा

राजस्थान में इस जगह हुई थी रावण की शादी, यहां रोजाना होती है रावण की पूजा

Ravana Temple Jodhpur
Share Now

Ravana Temple Jodhpur: विजयदशमी पर्व को बुराई पर अच्छाई जीत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। शारदीय नवरात्रि की दशमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन प्रभु श्रीराम की पूजा करने और रावण के पुतले का दहन करने की परंपरा है। लेकिन भारत में कई जगह ऐसी जहां रावण का दहन नहीं होता बल्कि पूजा की जाती है। लंकाधिपति रावण के प्रति इन लोगों आस्था है। आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारें बताएंगे जहां आज भी रहते है रावण के वंशज (Ravana Temple Jodhpur) और ये विजयदशमी को रावण दहन नहीं बल्कि लंकाधिपति की पूजा करते है।

राजस्थान के जोधपुर बना है रावण का मंदिर:

राजस्थान के जोधपुर जिले में बना है ये मंदिर, यहां रोज रावण की भगवान की तरह मानकर पूजा-अर्चना की जाती है। यह मंदिर किला रोड स्थित अमरनाथ महादेव मंदिर प्रांगण में है। जोधपुर में श्रीमाली ब्राह्मण समाज के दवे, गोधा गोत्र परिवार की तरफ रावण दहन पर शोक मनाया जाता है। रावण दवे गोधा गोत्र से था इसलिए रावण दहन के समय आज भी इनके गोत्र से जुडे़ परिवार रावण दहन नहीं देखते और शोक मनाते है। रावण दहन के बाद स्नान कर यज्ञोपवीत धारण करते हैं।

रावण का विवाह मंदोदरी के साथ जोधपुर में हुआ:

ऐसा बताया जाता है कि रावण का विवाह मंदोदरी के साथ जोधपुर में हुआ था। उस समय बारात में आए लोगों में से कई लोग यहीं पर बस गए थे। इन लोगों ने रावण का मंदिर भी बनवा रखा है और नियमित रूप से रावण की पूजा भी करते हैं। इस मंदिर में रावण और मंदोदरी की अलग-अलग विशाल प्रतिमाएं स्थापित हैं। दोनों को शिव पूजन करते हुए दर्शाया गया है।

रावण था ज्योतिष का प्रकांड विद्वान!

पौराणिक कथाओं के अनुसार रावण को सभी वेदों का ज्ञान था। रावण से बड़ा दुनिया में ज्योतिष का प्रकांड विद्वान कोई दूसरा नहीं हुआ। कहा जाता है कि रावण ने अपने पुत्र को अजेय बनाने के लिए नवग्रहों को आदेश दिया था कि वह उनके पुत्र मेघनाद की कुंडली में सही तरह से बैठें। लेकिन इस बात को शनि भगवान ने नहीं मानी। तो रावण ने शनि महराज को बंदी बना लिया था। रावण को मायावी भी कहा जाता था क्योंकि उन्हें इंद्रजाल, तंत्र, सम्मोहन और तरह-तरह के जादू आते थे।

यहां पढ़ें: मां वैष्णो देवी का ऐसा स्थल जहां लोग दर्शन मात्र के लिए बावनसौ फीट चढ़ाई करने को हैं तैयार

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

Android: http://bit.ly/3ajxBk4

IOS: http://apple.co/2ZeQjTt

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। OTT India इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

No comments

leave a comment