Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Wednesday / October 5.
Homeभक्तिसनातन हिंदु संस्कृति मे कौन से वृक्षो की पूजा क्यूं होती है.. आइये जानते है

सनातन हिंदु संस्कृति मे कौन से वृक्षो की पूजा क्यूं होती है.. आइये जानते है

Share Now

भारतीय संस्कृति में वृक्षों को काटना हिंसा है। इनमें देवात्मा होती है। सनातन संस्कृति में वृक्षों की पूजा होती है। अनेक व्रत त्यौहारो मे वृक्षो की पूजा का महत्व है। कुछ पौधे और फल भी एसे है जो पूजनीय है। एसे पूजनीय वृक्ष, पौधे और फल कौन से है और क्यूं उनकी पूजा होती है, आएये जानते है।

पीपल का वृक्ष

image : google

 योगिराज भगवान् श्री कृष्ण श्रीमद भगवत गीता जी में कहते हैं :

” वृक्षेषु_अश्वस्था: ” अर्थात ” वृक्षों में मैं पीपल हूँ” |

पीपल विष्णु वृक्ष है | पीपल के नीचे श्राद्ध क्रिया, गायत्री जप, कथा, स्तोत्र आदि संपन्न किये जाते हैं | पीपल का पेड़ काटने या कटवाने से पितर दोष लगता है। इसके साथ ही प्रेतात्माओ का शाप भी लगता है जो रात को पीपल पर निवास करती हैं। इसीलिए रात्री के समय पीपल की पूजा नहीं होती। सूर्योदय के बाद पीपल पर माता लक्ष्मी का निवास माना गया है… पीपल की पूजा बृहस्पति और शनि दोषों से मुक्ति के लिए भी की जाती है |

बरगद का वृक्ष

image : google

वट शिव वृक्ष है | प्रलय के समय मुकुंद ने अक्षय वट पर विश्राम किया था | यह अक्षय वट प्रयाग में है| महिलाएं वट सावित्री की पूजा करती हैं सौभाग्य के वरदान के लिए | वट वृक्ष जटाधारी भगवान् शिव का ही रूप है |

कमल का फूल

image : unsplash

कमल में माता लक्ष्मी का निवास होता है| यह एक ऐसा पुष्प है जो अपने गुणों के कारण प्रत्येक देवी देवता को प्रिय है|

नारियल का फल

image : google

कहा जाता है नारियेल मे श्री देवी माँ लक्ष्मी का निवास होता हैं, इसी लिये उसे श्री फल भी कहा जाता है| नारियल एक ऐसा फल है जो प्रत्येक देवी देवता को प्रिय है। इसे पौराणिक ग्रंथो में “कल्प वृक्ष” का नाम दिया गया है। शक्ति पूजा में और किसी अनुष्ठान में यह विशेष रूप से प्रयोग में लाया जाता है |

यहाँ पढ़ें: क्या आप जानते हैं, मृत्यु के पश्चात की कुछ रहस्यमयी बातें?

बिल्व वृक्ष

image : embrosia

बिल्व वृक्ष में लक्ष्मीजी का निवास है। ऋग्वेद के “श्री सूक्तं” के अनुसार माता लक्ष्मी की कठोर तपस्या के परिणाम स्वरुप ही बिल्व वृक्ष उत्पन्न हुआ।

“वनस्पतिस्तव वृक्शोथ बिल्व:”

इसीलिए यह वृक्ष, इसके पत्ते और फल भगवान् शिव को अत्यंत प्रिय हैं | बिल्व पत्र महादेव के विग्रह की शोभा हैं | शास्त्रानुसार संध्या के समय बिल्व वृक्ष के नीचे दीप दान करने वाला व्यक्ति मृत्योपरांत शिवलोक को ही जाता है अर्थात उसकी सद्गति निश्चित होती है | देवी कात्यायनी की पूजा में भगवान् राम ने बिल्व पत्रों का प्रयोग किया था |

रुद्राक्ष वृक्ष

image : India gardening

रुद्राक्ष का वृक्ष शिव वृक्ष है | इसके बीजो से बनी माला पूजा में प्रयुक्त होती है | रुद्राक्ष भगवान् शंकर का श्रृंगार हैं| सकारात्मक विचार और उर्जा के लिये रूद्राक्ष धारण किया जाता है।

 तुलसी का पौधा

image : google

वृंदा देवी हैं | तुलसी के स्पर्श, दर्शन, सेवन से जन्म-जन्मान्तरों के पाप कर्मों का नाश होता है | यह भगवान् विष्णु को अत्यंत प्रिय है |कोई भी अनुष्ठान या पूजा कार्य संपन्न करने के लिए तुलसी पत्र का होना आवश्यक माना गया है | वर्ष भर तुलसी में जल अर्पित करना एवं सायंकाल तुलसी के नीचे दीप जलाना अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है | कार्तिक मास में तुलसी के समक्ष दीपक जलाने से मनुष्य अनंत पुण्य का भागी बनता है एवं उसे माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है क्योंकि तुलसी में साक्षात माता लक्ष्मी का निवास माना गया है |

नीम का वृक्ष

image: google

नीम के वृक्ष मे शीतला देवी रहती हैं जो रोगों से रक्षा करती हैं | देश भर में शीतला देवी के मंदिरों में नीम के वृक्ष सहजता से मिल जाते हैं|

आंवला का वृक्ष

image : google

यह वृक्ष विष्णु और लक्ष्मी का प्रिय है | कार्तिक मास में आंवले की परिक्रमा और पूजा होती है| आंवला का फल स्वास्थ्य के लिये अमृत माना जाता है।

एसे और भी वृक्ष है जैसे कैंथ और जामुन को प्रिय हैं और इनके फल गणेश पूजा में अर्पित किये जाते हैं| बृहस्पति दोषों से मुक्ति पाने हेतु केले की पूजा की जाती है|

वृक्षों में देवात्मा होती है | वृक्षारोपण एक धार्मिक अनुष्ठान है | वृक्षों में खिले हुए पुष्पों की गंध और फलो के रसात्मक तत्वों को पाकर देवता तृप्त होते हैं | इसीलिए पूजा स्थलों के परिसर में पुष्प और फलदार वृक्ष लगाये जाते हैं | फूलो, फलो अथवा हरे भरे वृक्षों को काटने पर महापाप लगता है| और इसके विपरीत वृक्षारोपण से व्यक्ति महापुण्य का भागीदार होता है। प्रकृति पर्यावरण संरक्षण का इतना गूढ़विज्ञान अन्यत्र कही नही मिलेगा।

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App
Android: http://bit.ly/3ajxBk4
iOS: http://apple.co/2ZeQjT

No comments

leave a comment