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योगासन सीरीज: सर्वांगासन सभी आसनों में सर्वश्रेष्ठ क्यूँ है?

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सामान्य रूप से देखें तो शारीरिक तकलीफें कमर, पैरों और घुटनों से ही शुरू होती है। और हमारे शरीर कि अधिकतर गतिविधियाँ इन शारीरिक अंगों पर ही आधारित है। आज हम बात करेंगे ऐसे ही आसन की जिसका प्रतिदिन अभ्यास करने से घर बैठे ही इन तकलीफों से छुटकारा पा सकेंगे।

‘योगासन सीरीज’ में आज का आसन है- सर्वंगासन। जानेंगे सर्वंगासन के योगाभ्यास से होने वाले लाभों के बारे में, तथा आसन को करते वक्त किन बातों को ध्यान रखना है जरूरी?

 सर्वंगासन क्या है? (Shoulder Stand Pose)

सर्वांगासन को सभी आसनों में से सर्वश्रेष्ठ आसन माना जाता है। अति उत्तम क्यूँ माना जाता है, चलिए जानते हैं।

सर्वांग का मतलब है- सम्पूर्ण अंग/शरीर का सारा हिस्सा और आसन मतलब मुद्रा। अर्थात यह आसन हमारे शरीर के सभी अंगों और कार्य प्रणालियों को प्रभावित करता है। हमेशा शरीर के सभी अंगों को चुस्त-दुरुस्त रखता है। इसलिए इस आसन को सर्वांगासन कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे Shoulder Stand Pose आसन के नाम से जाना जाता है। सर्वांगासन आसन के प्रतिदिन अभ्यास से शारीरक और मानसिक क्रियाएं निरंतर स्वस्थ रहती हैं। दिमाग तेज और स्वस्थ रहता है। 

यहाँ पढ़ें: योगासन सीरीज: स्ट्रेस फ्री रहने के लिए बेहतरीन योगाभ्यास

Image Credit:VectorStock

सर्वांगासन को किस विधि से किया जाता है?

  • सर्वप्रथम आसन को करने के लिए खुले एवं स्वच्छवातावरण में जाकर करना चाहिए। यदि ऐसी सुविधा नहीं है तो आप घर की बालकनी या फिर हॉल में बैठकर आसन का अभ्यास कर सकते हैं।
  • सबसे पहले शवासन की मुद्रा में आसन पर सीधे लेट जाएं।
  • सांस को अंदर भरते हुए धीरे धीरे पैरों को ऊपर की ओर ले जाएं।
  • कमर को हाँथों से सहारा दें।
  • क्यूंकी हाँथ जीतने ही नीचे सपोर्ट में रहेंगे, पीठ उतनी ही सीधी होगी।
  • प्रयास करें की पैरों को 90 अंश का एक एंगल दें।
  • सांस को धीरे धीरे अंदर बाहर लेने की प्रक्रिया चालू रखें।
  • कंधों से लेकर पांव की अंगुलियों तक शरीर एक सीध में रहे।
  • कोहनियां अंदर की तरफ रखें। 
  • पूर्ण सर्वांग में आने पर श्वास स्वाभाविक स्थिति में लें।
  • ध्यान रहे फिर से शवासन की स्थिति में लौटते हुए झटका ना लगे।
  • धीरे धीरे पैरों को नीचे जमीन पर लाने का प्रयास करें। 
  • थोड़ा विश्राम कर फिर से प्रयास करें। 
  • इस आसन का अभ्यास प्रतिदिन 10 से 15 मिनट तक करें। 

सर्वांगासन करने से कई शारीरिक लाभ होते हैं: 

सर्वांगासन करने से सबसे पहला तो लाभ होता है वह यह है कि, शरीर के अंगों की  सभी क्रियाएं और ग्रंथियां सक्रिय बनती हैं। और हमारा शरीर अत्यधिक सक्रिय, चुस्तपूर्ण से काम करने लगता है। दिन भर कार्यकरने की क्षमता बढ़ती है। अर्थात थकान का अनुभव नहीं होता है। 

  • हमारे पूरे शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) तेजी से होता है। 
  • Thyroid ग्रंथियों को सक्रिय बनाता है, और पोषण प्रदान करता है। 
  • यह योगाभ्यास कंधों को अत्यधिक मजबूत बनाता है। 
  • गर्दन को मजबूती मिलती है। 
  • हाँथों और पीठ को मजबूती के साथ साथ लचीला बनाता है। 
  • ह्रदय की मांसपेशियों को सक्रिय बनाता है। 
  • शुद्ध रक्त (Circulatory system) तेजी से ह्रदय तक पहुंचता है। 
  • पाचनक्रिया (Digestive System) सक्रिय होने के साथ साथ कब्ज की परेशानी दूर होती है। 
  • रनर्स के लिए यह योग सबसे सही है। 

ध्यान दें: यदि आपको उच्च रक्तचाप, ह्रदय रोग, ग्लूकोमा, स्लिप डिस्क, स्पोंडिलोसिस, गर्दन में दर्द या गंभीर थाइरोइड की समस्या है तो कृपया  डॉक्टर की सलाह लिए बिना सर्वांगासन का अभ्यास न करें।

यहाँ पढ़ें: योगासन सीरीज: ‘ताड़ासन’ कर शरीर को रखें चुस्त एवं दुरुस्त

सर्वांगासन करने से शरीर के सभी अंगों को मजबूती प्रदान होती है, इसलिए इस आसन को सभी आसनों का राजा कहा जात है और अतिउत्तम माना जाता है। नित्य दिन योगासन सीरीज में बताए जा रहे सभी आसनों को अभ्यास करते रहें। और आपके अनुभव हमारे साथ साझा करें। 

जुड़े रहें, योग की इस “योगासन सीरीज” में तब तक के लिए पढ़ते रहें देश और दुनिया की खबरें और बने रहें हमारे साथ OTT INDIA पर.. 

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