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Homeभक्तिजब शिव जी ने मगरमच्छ बनकर ली थी पार्वती की परीक्षा, उसके बाद शिव ने मानी थी अपनी हार

जब शिव जी ने मगरमच्छ बनकर ली थी पार्वती की परीक्षा, उसके बाद शिव ने मानी थी अपनी हार

Shiv Parvati ki Kahani
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Shiv Parvati ki Kahani: माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तप किया था। पार्वती-शिव से जुड़ी कई पौराणिक कथा प्रचलित है। आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी (Shiv Parvati ki Kahani) के बारे में बताएंगे जब भगवान शिव ने मगरमच्छ बनकर माता पार्वती की परीक्षा ली। माता पार्वती के तप में भंग डालने के लिए शिवजी ने खूब प्रयास किए थे। लेकिन वो कभी भी माता पार्वती की तपस्या से उनका मोहभंग नहीं करवा पाए। लेकिन शिवजी ने अपनी एक चाल से माता पार्वती के तप का दान जरूर करवा दिया था।

सप्त ऋषियों की बात भी नहीं मानी माता पार्वती ने:

माता पार्वती की कठोर तपस्या को देखकर सभी देवों ने मिलकर भगवान शिव से माता पार्वती को अपनाने की विनती की। लेकिन भगवान शिव पार्वती की कोठर से कठोर परीक्षा लेना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सप्त ऋषियों को भी भेजा। सप्त ऋषियों ने शिव जी बुराईयों से माता पार्वती को अवगत कराया। लेकिन माता ने सप्त ऋषियों की बात को भी अनदेखा कर दिया।

भगवान शिव ने धारण किया मगरमच्छ का रूप:

फिर एक बार भगवान शिव ने मगरमच्छ बनकर एक नई चाल चली थी। जहां माँ पार्वती तपस्या कर रही थी उसी के पास मगरमच्छ ने एक बालक को अपना शिकार बना लिया था। वो बालक चीखने-चिलाने लगा तो माता पार्वती ने मगरमच्छ से कहा कि इस बच्चे की जान बख्श दो। लेकिन मगरमच्छ अपनी जिद पर अड़ा था। बार-बार मगरमच्छ को समझाने के बाद भी जब वो नहीं माना तो माता ने मगरमच्छ से कहा कि तुम्हे जो चाहिए वो मिल जाएगा लेकिन इस बच्चे को छोड़ दो।

मगरमच्छ ने माता को कहा कि एक बार फिर सोच लीजिए। इस पर पार्वती जी ने मगरमच्छ को कहा कि में तपस्या तो फिर कर सकती हूं, लेकिन इस बच्चे की जान चली गई तो वापस नहीं आएगी। इसके बाद वचन में बंधकर माता ने एक बच्चे की जान बचाने के लिए अपने कई सालों की तप का दान मगरमच्छ को कर दिया। माता पार्वती के सामने फिर अचानक भगवान शिव प्रकट हुए। उन्होंने कहा कि माता आप फिर तपस्या करके क्या करेंगे। आपने अपने तप का दान तो कर दिया।

इसके बाद माता ने कहा कि उस बच्चे की जान बचानी बेहद जरुरी थी। आपको पाने के लिए तो में फिर कई वर्षों तक कठोर तप करूंगी। इसके बाद शिव जी ने माता पार्वती से शादी करने प्रण कर लिया था।

https://www.youtube.com/watch?v=9erWya3OW-U

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(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। OTT India इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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