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Homeनेचर एंड वाइल्ड लाइफEAGLE AROUND THE WORLD : शिकारी जो गर्म हवाओं को चीरता आता हैं, दूसरे जीवों को पंखों के छाये में नजर आती है मौत!

EAGLE AROUND THE WORLD : शिकारी जो गर्म हवाओं को चीरता आता हैं, दूसरे जीवों को पंखों के छाये में नजर आती है मौत!

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शिकारी…जो गर्म हवाओं को चीरते हुए आता है. आसमान से मौत बनकर अपने सबसे बड़े पंखों के साथ उतरता है. मछलियां, परिंदों और अन्य जीवों को जिसकी चोंच देखकर मौत नजर आती है. ऐसा ईगल यानी स्टेलर्स सी ईगल (Steller’s sea eagles).

stellers_sea_eagle

स्टेलर्स सी ईगल दुनिया के सबसे बड़े पक्षियों में से एक है. स्टेलर्स सी ईगल उत्तरीपूर्वी एशिया का सबसे बड़ा शिकारी पक्षी है.  इस भारी भरकम शरीरवाले ईगल के काले रंग के फर होते है. शक्तिशाली शरीर के साथ गहरे सफेद रंग के पंख होते है. कंधे और पैर के भाग ज्यादा सफेद रंग के होते है. पूंछ तीर जैसी तीक्ष्ण होती है.

स्टेलर्स सी ईगल का शरीर 105 सेंटिमिटर से ज्यादा बड़ा होता है और पंखों का फैलाव 2.5 मीटर से भी ज्यादा हो सकता है. पीले रंग की धारदार चोंच स्टेलर्स सी ईगल की सुंदरता को बढ़ाती है. यह ईगल जितना सुंदर दिखता है उससे ज्यादा भयानक शिकारी होता है.

steller's sea eagle

The Steller’s sea eagle  का नाम विश्व के सबसे प्रसिद्ध पक्षीविद Georg Wilhelm Steller के नाम पर रखा गया हैं. Steller’s fish eagle, Pacific sea eagle or white-shouldered eagle जैसे नामों से यह ईगल दुनिया भर में जाना जाता है. इस प्रजाति को Haliaeetus pelagicus कहा जाता है. इसमें ग्रीक शब्द pelagos का अर्थ होता है खुला समुद्र.

Pelagicus इसलिए कहा गया कि ज्यादातर यह शिकारी समुद्र किनारे की आसपास देखने को मिलता है. उत्तरपूर्वीय एशिया के Kamchatka Peninsula, रशिया के फार ईस्ट में सबसे ज्यादा आबादी देखने को मिलती है.

steller's sea eagle

Steller’s sea eagles मुख्यतः मांसाहारी होते है. खाना नहीं मिलने पर ये मुर्दाखोरी भी करते है. Steller’s sea eagles को piscivores भी कहते है. Piscivores यानी जिनका प्रमुख शिकार मछलियां हो. सालमन और ट्राउट जैसी मछली Steller’s sea eagles की मुख्य खुराक है.  Steller’s sea eagles साथ में water birds, land birds और स्तनधारियों को अपनी खुराक बनाते है.

steller's sea eagle

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Steller’s sea eagles  जीवनभर के लिए जोड़ी बनाते हैं. फरवरी और मार्च के बीच कॉर्टशिप शुरू होती है. कॉर्टशिप के दरमियान वो ब्रीडिग एरिया में उड़ान भरते रहते है. नदी किनारे या समुद्र किनारे के आसपास बड़े पेड़ पर घोसला बनाते है. एक ईगल का जोड़ा बहुत सारे घोसले बनाते है लेकिन सिर्फ एक ही घोसले में बच्चों को बड़ा करते है. मादा अप्रैल से मे महिने के बीच अंड़े देती है, हल्के हरे सफेद रंग के अंडे 1 से 3 तक हो सकते है. आमतौर पर 2 अंड़े तो होते ही है. 3 में से सिर्फ एक ही अंडा बड़ा होने तक जिंदा रह सकता है. 39 से 45 दिनों के भीतर,अंड़ों में से बच्चें निकलते है. यह बच्चें अगस्त से सप्टेम्बर के बीच में उडना शीख जाते है. Steller’s sea eagles  जैसा रंग आने में बच्चों को चार साल लग जाते हैं.

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विश्व के सबसे बड़े ईगलों का खिताब रखनेवाले इस शिकारी की संख्या दिन प्रति दिन कम हो रही है. इनका प्रमुख कारण इनके आवासों में आ रही भारी गिरावट है. दूसरी ओर इनका शिकार यानी मछलियों की बेतहाशा फिशिंग. आबादी की गिरावट में क्लाइमेंट चेंज भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है.

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