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वन्यजीव सप्ताह विशेष- सिंह और गिर को समर्पित एक शख़्सियत– परिमल नथवाणी

Parimal Nathwani
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भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए कई शख़्सियत और पर्यावरणविदों ने आवाज उठाई। अड़िग रहकर इस कठिन पथ पर चलते हुए अनेक जीवों की ज़िंदगी बचाकर, आबाद भी की। इस अभियान में ज़्यादा – से – ज़्यादा लोगो को शामिल करने के लिए हर साल 2 से 8 अक्तूबर तक वन्यजीव संरक्षण सप्ताह मनाया जाता है।

इस उपलक्ष्य में आज हम आपको एक ऐसे व्यक्तित्व के बारे में बताने जा रहे हैं जो 35 साल से निःस्वार्थ भाव से वन्यजीव संरक्षण में कार्यरत हैं। इन्होंने गिर (Gir) और भारत के गौरव एशियाई सिंह के संरक्षण में न सिर्फ महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि समग्र विश्व में एशियाई सिंह के प्रचार-प्रसार में अग्रसर रहे। परिमल नथवाणी (Parimal Nathwani) एक ऐसे व्यक्तित्व हैं  जो गिर और सिंह को अपना परिवार, अपनी आन- बान और शान मानते हैं।

भारत के महान इतिहास को पुनर्जीवित करने का भगीरथ प्रयास:-

Mr Nathwani at Girभारतीय सभ्यता में हजारों वर्षों से सिंह को सर्वोच्च स्थान प्राप्त रहा है। देवी-देवताओँ से लेकर भारत के प्रतापी राजाओं तक ने सिंह को शक्ति का दूसरा रूप माना परंतु वह समय भी आया जब भिन्न-भिन्न कारण इस गौरवशाली जीव के अस्तित्व पर खतरे के बादलों की तरह गहराए, परंतु भारत के गुजरात राज्य में गिर अभयारण्य में सिंह को विशेष आवास, प्रेम और सम्मान मिला। गिरवासियों , गुजरात सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वनकर्मियों, मालधारी समाज, ट्रेकर्स और परिमल नथवाणी (Parimal Nathwani) जैसे समर्पित पर्यावरणविद के सम्मिलित भगीरथ प्रयासों से सिंह ना केवल गिर की पावन भूमि पर आबाद हुए, बल्कि फिर से अपने पुराने रुतबे को हासिल कर रहे हैं और एक बार फिर सिंह अपना साम्राज्य बढ़ा रहे हैं। गुजरात राज्य के 7 जिलों में अब सिंह देखे जा सकते हैं। 

परिमल नथवाणी 35 सालों से गिर के संरक्षण में जुड़े हुए हैं :-

बात साढ़े तीन दशक पहले की है जामखंभालिया  से सासण गिर तक 214 किलोमीटर की यात्रा करना आसान नहीं था, जब कुछ भी संसाधन मौजूद नहीं थे, तब परिमल जी रोजाना गिर के ट्रैकरों के साथ उनकी गाड़ी में बैठकर जंगल में निकल जाया करते थे, इस प्रकार एशियाई सिंहों की वाइल्ड लाइफ के बारे में उन्होंने सम्पूर्ण जानकारी हासिल की। धीरे-धीरे गिर और सिंह मानो परिमल नथवाणी ( Parimal Nathwani ) का परिवार बन गया।

एशियाई सिंह की वाइल्ड लाइफ का गंभीर मुद्दा गुजरात सरकार और केन्द्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया। एक ऐसा भी समय था जब गिर वनक्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेन से अक्सर हादसे होते थे, जिनमें सिंह घायल हो जाते या फिर उनकी मृत्यु हो जाती थी। परिमल नथवाणी ने यह गंभीर मुद्दा गुजरात सरकार और केन्द्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया, ताकि अनमोल सिंह के जीवन को बचाया जाए। परिमल नथवाणी (Parimal Nathwani) ने सिंह समेत मृगराज परिवार को गिर के आँचल में हर संकट से बचाने के लिए अनेक कठिन प्रयास किए हैं। जिनमें सिंह और मृगराज परिवार के लिए अत्याधुनिक अस्पताल बनाने का कार्य भी शामिल है। आने वाले समय में इस अस्पताल में ज़ख्मी वन्यजीवों के इलाज के लिए डॉक्टर समेत तमाम आधुनिक चिकित्सीय संसाधन और सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। उनके नेतृत्व में हजारों कुओं के चारों तरफ सुरक्षात्मक दीवार बनाई गई, ताकि सिंह परिवार का कोई भी सदस्य और शावक अनजाने ही कुएँ मे गिरकर किसी अनहोनी का शिकार न हो जाए। 

Mr Nathwani with trackersपरिमल नथवाणी जी ने गिर को विश्व में पहचान दिलाने के साथ-साथ, वन्यजीवों के संरक्षण में मददगार सभी सदस्यों और कर्मचारियों के साथ दशकों में बने हर रिश्ते को हृदय से निभाया है। आज भी ‘सिंह साम्राज्य’ विस्तार के सभी सदस्य उतने ही आदर और प्यार के साथ नथवाणी जी का स्वागत करते हैं। सभी परिमल जी के साहस के साक्षी हैं।  धीरे-धीरे गिर वन्यजीवों के प्रति उनका प्यार बढ़ता गया। आज जब गिर, सिंह स्वर्ग के तौर पर आबाद हो चुका है तो राजसी जीवों को देखते हुए श्री नथवाणी जी को गर्व महसूस होता है। 

“शेर भारत का गौरव है, हम तो शेर के लिए जो भी कर पाएं वो कम है। जैसे लोग अपने घर में बच्चों का, परिवार का ध्यान रखते हैं।  वैसे शेर मेरा परिवार है। शेर के साथ कोई हादसा ना हो इसलिए हर तरह के संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं ”- श्री परिमल नथवाणी, (सांसद, राज्यसभा (AP), सीनियर ग्रुप प्रेसिडेंट, RIL) 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तर्ज पर गिर और सिंह को विश्व फलक पर एक नई पहचान दिलाई है ट्युरिज्म के क्षेत्र मे नए आयाम स्थापित किये जा रहे है और इसी मुहिम में रिलायंस समूह के साथ मिलकर परिमल नथवाणी जी ने गुजरात के अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिर और सिंह की एक सुंदर गैलरी का निर्माण करवाया। इस गैलरी में सिंह साम्राज्य का विवरण दर्शाया गया है। साथ ही अपने 35 साल के अनुभवों को “गिर लायन प्राईड ऑफ गुजरात” नाम की एक पुस्तक भी लिखी है जिसे टाइम्स बुक्स ने पब्लिश की है। गिर और सिंह का प्रचार देश के साथ साथ विश्व के तमाम पर्यटकों तक पहुंचा है। इसी का परिणाम है कि भारत आने वाले सभी पर्यटक गिर के रॉयल शेर को देखने के लिए लालायित रहते हैं।

सिंह के उज्जवल साम्राज्य के लिए श्री परिमल नथवाणी जी (Parimal Nathwani) की ओर से की गई कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप गिर, आज गुजरात समेत पूरे भारत का गौरव बन चुका है।

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