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अब तरूणदीप राय ने साधा ओलंपिक पर निशाना”

Tarundeep Rai represent India in olympics
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“भारतीय तीरंदाज तरूणदीप राय होने वाले टोक्यो ओलम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे है|”

कहते है ना जिंदगी में सफलता इतनी आसानी से नही मिलती| ढेर सारी मुश्किलों को पार करके आगे बढना होता है| कई बार तो इस रास्ते में ऐसे मोड आते है, जिसमे इंसान हार मान जाता है| लेकिन फिर से उठना, उठ के सम्भलना और अपनी लक्ष्य की तरफ आगे बढना यही तो जिंदगी है| आज हम बात करेंगे एक ऐसे ही तीरंदाज की जो चोट लगने के कारण, दो साल तक अपने लक्ष्य से दूर रहे, लेकिन उनका हौसला नही टुटा, वे फिर से उठे और अब टोक्यो ओलम्पिक्स में भारत को रिप्रेजेंट करने जा रहे है| उस योद्धा का नाम है तरूणदीपराय|

बाइचुंग भूटिया उनके चचेरे भाई हैं :-

तरूणदीपराय का जन्म २२फरवरी 1984 को सिक्किम के नामची में हुआ था| वे एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिनका खेलों से खास रिश्ता रहा है| भारतीय फुटबॉल के उम्दा खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया उनके चचेरे भाई हैं| वे हमेशा से तरुणदीप के प्रेरणा के स्त्रोत रहे है| तरुणदीप राय ने बचपन से ही तीरंदाजी में रुचि ली और करियर को गंभीरता से लिया।

यहाँ पढ़े :ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली भारत की इकलौती जिमनास्ट बनी बस ड्राइवर की बेटी

तरुणदीप के रिकॉर्ड्स :-  

Tarundeep Rai represent India in olympics

Image Source: Tarundeep Rai Insatgram Account

महज 19 साल की उम्र में तरुणदीप ने अपना international डेब्यू  “Asian Archery Championship 2003”  से कीया, जो यांगून, म्यामार में आयोजित किया गया था| उसी साल, भारतीय तीरंदाजी टीम न्यूयॉर्क में विश्व चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर रही थी और तरुणदीप भी उस टीम का हिस्सा थे| 2004 में उन्होंने अपना पहला गोल्ड मैडल एशियन ग्रैंड प्री बैंकॉक में हासिल किया था| साल 2005 में, उन्होंने भारतीय पुरुष रिकर्व टीम को नई दिल्ली में एशियन तीरंदाजी चैंपियनशिप में ब्रोंजमैडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी| वही2006 में दोहा में हुए “15th Asian Games” में वह भारतीय टीम का हिस्सा थे| जिसमे उन्होंने ब्रोंज़ मैडल जीता था|

चोट लगने के कारण उन्हें दो साल का ब्रेक लेना पड़ा :- 

उसके बाद 2007 में अचानक से सब बदल गया, उनके कंधे पर चोट लगने के कारण उन्हें दो साल का ब्रेक लेना पड़ा| लेकिन उन्होंने 2009 में फिर वापसी की और इरान के तेहरान में हुए एशियन ग्रैंड प्री (Asian Grand Prix) में एक व्यक्तिगत रिकर्व सिल्वर और टीम में गोल्ड मैडल जीता। 2010 में चाइना में हुए 16 वें एशियन गेम्स में, तरूणदीप ने आर्चरी में सिल्वर मैडल जीतकर, देश के गौरव को बढाया था| इसके साथ ही वह प्रतियोगिता में व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बन गए। वह पहले भी ओलंपिक का हिस्सा रह चुके है| 2004 एथेंस ओलंपिक और 2012 लंदन ओलंपिक में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन दोनों स्पर्धाओं में वे मैडल हासिल नही कर पाए थे|

उन्हें म्यूजिक सुनना, मूवीज देखना बहुत पसंद है:- 

Tarundeep Rai represent India in olympicst

Image Source: Tarundeep Rai Instagram Account

उनकी पर्सनल लाइफ की बात करे तो उनकी शादी अंजना भट्टाराई से हुई है| उन दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम नुसम सिंह राय है।उनकी होबिस की बात करे तो उन्हें म्यूजिक सुनना, ड्राइविंग और मूवीज देखना बेहद पसंद है|

तीरंदाजी के खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए तरूणदीप को साल 2005 में भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवार्ड दिया गया था| 2020 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया |उनके साथ ही 3 और तीरंदाज प्रवीन जादव, दीपिका कुमारी और अतानु दास भी टोक्यो ओलंपिक्स में हिस्सा ले रहे है| हमे उम्मीद है की अपने सटीक निशाने और लक्ष्य प्राप्त करने के जुनून से यह देश को मैडल जरुर दिलाएंगे| 

यहाँ पढे: ओलंपिक में भारत का उदयन”

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