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सौराष्ट्र पर मंडरा रहा है “ताऊते” तूफ़ान का ख़तरा

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Representational Image (Photo: iStock)

मौसम विभाग ने आगाह किया है की अगले 36 घंटों मे लक्षदीप और अरब सागर के ऊपर चक्रवात बन सकता है| साथ ही उन्होंने इस बात की भी चेतावनी दी है की इसके कारण 18 मई तक गुजरात के तट पर उच्च तीव्रता का चक्रवात ताऊते पहुँच सकता है| मौसम विभाग ने बताया कि 18-19 मई को गुजरात में तेज हवाओं के साथ तूफान अपने चरम पर पहुंच जाएगा और अगले पाँच छह दिन 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं अहमदाबाद तक पहुंच सकती हैं| यह वर्ष 2021 का पहला तूफान है और इसे म्यांमार ने “ताऊते” (Tauktae) नाम दिया है, जिसका अर्थ है छिपकली जो गर्म पानी में तैरती है| 

तूफान को लेकर सरकार ने कसी कमर

कोरोना महामारी के बीच अरब सागर मे उठी तूफान के बाद गुजरात सरकार चौकन्ने हो गए है| कच्छ और सौराष्ट्र के तटों पर ताऊते नाम के तूफान आने की आशंका के बाद से ही सरकार ने कार्रवाई शुरू की है। इस संबंध में, राज्य गृहमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने तूफान के खिलाफ सुरक्षा तैयारियों पर समीक्षा बैठक बुलाई है। सौराष्ट्र के पूरे सिस्टम को अलर्ट कर दिया गया है और जिला कलेक्टरों को भी सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं|

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राज्य गृहमंत्री ने समुद्री तटो से संबंधित कार्यों पर लगाई रोक

गुजरात के तट पर किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। राज्य गृहमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने मछुआरों से अपील की है| उन्होंने कहा है की अभी चूंकि खतरा है इस कारण कोई भी समुद्री तट से संबंधित कार्य नहीं करने की अपील की| इसके साथ ही, तट के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थान पर चले जाने की भी अपील की गई है| वहीं NDRF की टीमें छत्तीसगढ़ और सौराष्ट्र के तटों पर तैनात किए जाएंगे| इसके अलावा गांधीनगर में एक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा, जहां से सीधे तूफान की निगरानी की जाएगी। इतना ही नहीं, कच्छ-सौराष्ट्र के कलेक्टर सहित स्थानीय निकायों को भी आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। अभी दक्षिण अरब सागर और लक्षद्वीप में वर्तमान में कम दबाव और अवसाद(Depression) हो रहा है।

 मौसम विभाग के जानकारी के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी जबकि 18-19 मई को इसकी रफ्तार बढ़ जाएगी।

साइक्लानिक सर्कुलेशन के कारण वातावरण में भी बदलाव देखा है| गुरुवार को सौराष्ट्र का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया| लगातार हो रहे बदलाव के बाद 18 तारीख तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों के साथ टेलीफोन पर की चर्चा

Image Source : PTI/ REPRESENTATIONAL

मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने सौराष्ट्र और कच्छ के कलेक्टरों के साथ टेलीफोन पर चर्चा की। ऐसे उपाय करने के निर्देश जारी किए गए हैं जो तूफान से क्षतिग्रस्त नहीं होंगे, विशेष रूप से कोरोना रोगियों के लिए, और आपदा प्रबंधन ने एहतियाती उपायों की तैयारी शुरू कर दी है। तटरक्षक बल के जवानों ने भी लोगों से तट से दूर किसी सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा। 14 मई की सुबह से दक्षिण पूर्व अरब सागर में निम्न दबाव मौसम विभाग द्वारा 15 मई को पूर्व-मध्य अरब सागर में एक साइक्लानिक में बदलने और उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का पूर्वानुमान है। गुजरात में 18-19  मई को सौराष्ट्र-कच्छ इस तूफान की चपेट में आने की संभावना जताई जा रही है। अगर हम सौराष्ट्र की बात करें तो तूफान का असर तटीय वेरावल, पोरबंदर, भनवाड़, सलैया, द्वारका, जामनगर, मोरबी, कूड़ा में दिखेगा। जबकि कच्छ के मांडवी, गांधीधाम, नलिया, भदली, रापर, खावड़ा, लखपत में अधिक प्रभाव पड़ेगा।

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