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Textaphrenia: टेक्स्टाफ्रेनिया क्या है, क्यों हो रहे हैं टीनेजर्स इस समस्या का शिकार?

Textaphrenia
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सोशल मीडिया पर हम इतना समय बिताते हैं मानों यही हमारा परिवार बन चुका है, कई बार आप सोशल मीडिया के जरिए अपनी परेशानियों के हल ढूंढ लेते है प्रोफेशनल वर्क में भी काफी मदद मिल जाती है। वैसे देखा जाए तो सोशल मीडिया से अनगिनत फायदे होते है तो दूसरी ओर काफी नुकसान की भरपाई भी करनी पड़ जाती है। लेकिन क्या आपने कभी ये सुना है कि सोशल मीडिया से गंभीर बीमारियों का शिकार बन जाते है?

ऐसी ही एक बीमारी के बारे में जानेंगे जिसे Textaprenia के नाम से जाना जाता है, एक ऐसी बीमारी जिसके शिकार आप कैसे बनते जाते है इस बात की भनक आपको नहीं लग पाती। 

Textaphrenia anxiety

Textaphrenia anxiety, Google Image

Textaphrenia क्या है?  

टेक्स्टाफ्रेनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें आप जब किसी के साथ टेक्स्ट के जरिए वार्तालाप करते है धीरे धीरे आपको उस चीज की आदत पड़ जाती है। अधिकतर टीनेजर्स इस बीमारी का शिकार बनते है क्योंकि सभी लोग टेक्स्ट मैसेज की आदत लग जाती है। मेलबर्न स्थित RMIT University, (Melbourne) की एक रिपोर्ट से पता लगाया गया कि यंगस्टर्स इस बीमारी के शिकार जल्दी बन जाते है। 

Texting is quite tribal

Texting is quite tribal

जिसमें लक्षण कुछ इस प्रकार के देखने को मिलते हैं:- 

इनसिक्योरिटी (insecurity), एंग्जायटी (anxiety), डिप्रेशन (depression), आत्मनिर्भरता की कमी (low self-esteem) जैसे लक्षण सभी में नजर आते है। पिछले 2 वर्षों में टेक्स्ट मैसेज में 89% बढ़ोत्तरी हुई है। एक सर्वे के अनुसार पता लगाया गया कि टिनेजर्स 9 दिनों में 4000 से ज्यादा टेक्स्ट मैसेज करते है।

  • टेक्स्टाफ्रेनिया के साथ कई और भी समस्याएं जुड़ी हुई है जैसे कि textiety, post-traumatic text disorder और binge texting. 
  • यह एक ऐसी समस्या है जिसमें आप मैसेज में बात करते करते अपनी आदत बना लते हैं जिसमें मैसेज भेजने के बाद जब तक रिप्लाय नहीं आ जाता इंतजार रहता है, 
  • और क्विक रिस्पॉन्स न मिलने पर गुस्सा, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन जैसी समस्या होने लगती है,
  • इसलिए इस समस्या से दूर रहना टीनेजर्स के पास ही है जितना ज्यादा हो सके फोन का यूज कम करें। 
textiety

textiety, google image

टेक्स्टाफ्रेनिया से  इन उपायों को अपनाकर दूर रहा जा सकता है:- 

  • टीनेजर्स को जितना ज्यादा हो सके वर्चुअल कम्युनिकेट से दूर रहे, 
  • किसी भी जरूरी काम को पूरा करने के लिए एक ग्रुप में इकट्ठा होकर प्रॉबलम को सॉल्व करें, 
  • फोन का उपयोग कम करे और रात के समय फोन को अपने से दूर रखें, 
  • जितना ज्यादा हो सके दोस्तों के साथ और परिवार के साथ समय व्यतीत करें
  • मैसेज का रिस्पॉन्स नहीं आता तो उसके पीछे अपना समय और ऊर्जा व्यतीत न करें। 

इस प्रकार टेक्स्टाफ्रेनिया की समस्या को दूर किया जा सकता है। 

देखें यह वीडियो: करेला के जूस के अनसुने फायदे 

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