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Homeनेचर एंड वाइल्ड लाइफद प्राइड किंगडम – गिर के एशियाई शेरों पर एक शानदार श्रेणी

द प्राइड किंगडम – गिर के एशियाई शेरों पर एक शानदार श्रेणी

The Pride Kingdom
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अहमदाबाद: भारत के गौरव और गुजरात के गिर प्रदेश स्थित एशियाई शेरों के एकमात्र निवास स्थान की अनकही कहानियों को पेश करने के लिए वन्यजीव प्रेमी और राज्यसभा सांसद श्री परिमल नथवाणी ने 12-एपिसोड की एक विशेष श्रृंखला प्राइड किंगडम (The Pride Kingdom) का निर्माण किया है। कुछ हफ्तों की अवधि के दौरान गिर के जंगल में फिल्माई गई यह श्रृंखला इस राजसी प्राणी के कई मूड को खूबसूरती से कैमरे में कैद करती है। यह श्रृंखला माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार की एक पहल प्रोजेक्ट लायन से श्री नथवानी को मिली प्रेरणा का परिणाम है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में, श्री नरेंद्र मोदी ने एशियाटीक सिंहो के संरक्षण और संवर्धन के लिए अथक प्रयास किए। इसके अलावा, वह अब भारत के प्रधान मंत्री के रूप में गिर के सिंहों के लिए अधिक जोश से आगे बढ़ने के लिए पूरी लगन से प्रतिबध्ध हैं।

यह पहली बार है कि गिर में सिंहो के जीवन के बारे में इस अद्भुत श्रृंखला को इस तरह निराले ढंग से फिल्माया गया है कि इस शाही जीव के विभिन्न पहलुओं और जीवन शैली की पहचान दर्शकों को बख़ूबी होती है। इस सीरीज की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस कथा के नायक (आइडेंटिकल ट्विन्स) जुड़वां भाई एशियाई सिंह भूरिया बंधु उनके क्षेत्र पर कब्जा करने का कैसे प्रयास करते हैं। श्रृंखला का एक एपिसोड तेंदुओं और अन्य जानवरों में शेरों का भय कैसे व्याप्त है; और वह यह भी दर्शाता है और कि क्यों शेर वाक़ई जंगल का राजा कहा जाता है। शेरों का व्यवहार और मनुष्यों के साथ उनका सह-अस्तित्व किसी भी वन्यजीव या जंगल के इतिहास में एक असाधारण घटना है। इस श्रृंखला में इस पहलु को भी भली–भाँति चित्रित किया गया है।

The Pride Kingdom series released

श्रृंखला में यह भी दिखाया गया है कि कैसे शेरनी शावकों को पालती हैं और कैसे गिर की रानी उन्हें शिकार करने के लिए प्रशिक्षित करती है। इतना ही नहीं, सीरीज में यह भी दिखाया गया है कि कैसे शेरनी अपने शावकों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर एक आदर्श मां और रोल मॉडल के रूप में काम करती है। श्रृंखला में अद्वितीय “लायन अस्पताल” की जानकारी दी गई है, जिसे राजसी जानवरों की देखभाल के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डिरेक्टर (कॉर्पोरेट मामलों) और राज्यसभा सांसद और वन्यजीवों के प्रशंसक-संरक्षक श्री परिमल नथवाणी ने इस सीरीज के बारे में कहा कि, “मैं 35 से अधिक वर्षों से नियमित रूप से गिर का दौरा कर रहा हूं। जो चीज मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित करती है वह है एशियाटिक शेरों का शाही स्वभाव। गुजरात का गिर दुनिया में एशियाई शेरों का एकमात्र निवास स्थान है। हालांकि हर साल हजारों पर्यटक गिर आते हैं, फिर भी शेरों के बारे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रति पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। इस डॉक्यूमेंट्री का मकसद गिर में एशियाई शेरों की अनकही कहानियों को दुनिया के सामने लाना है।”

श्री परिमल नथवाणी ने प्रकृति और वन्य जीवन के चमत्कारों की खोज करने की कोशिश की है और यह श्रृंखला दिखाती है कि कैसे गिर का जंगल शेरों के लिए आदर्श आवास है। दर्शक इस विशेष एपिसोड में शेरों के इतिहास को जानने का आनंद लेंगे और समझेंगे कि हमारी पौराणिक कथाओं, संस्कृति और कई भाषाओं में शेरों को इतना महत्व क्यों दिया गया है। श्री परिमल नथवानी ने 35 साल पहले बिना किसी मदद के अपना मिशन शुरू किया और गिर के जंगल और उसके गौरव “शेरों” की बेहतरी के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास करने के लिए खुद को और स्थानीय लोगों को लगातार प्रोत्साहित किया। तब से वे गिर क्षेत्र के वन अधिकारियों, ट्रेकर्स, चरवाहों और स्थानीय लोगों की मदद से शेरों की सुरक्षा के लिए विभिन्न मुद्दों को उठा रहे हैं।

यहाँ भी पढ़ें : वन्यजीव सप्ताह विशेष- सिंह और गिर को समर्पित एक शख़्सियत– परिमल नथवाणी

गुजरात के नेक और सामूहिक प्रयासों का ही यह परिणाम है कि आज ‘शेरों’ का साम्राज्य गिर राष्ट्रीय उद्यान, गिर अभयारण्य और ग्रेटर गिर से आगे राजस्व क्षेत्र में फैल गया है।

माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘प्रोजेक्ट लॉयन’ के लिए पहले ही 1000 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है और दिसंबर 2022 तक यह अनुदान आवंटित कर दिया जाएगा। मई 2022 में गिर राष्ट्रीय उद्यान की अपनी यात्रा के दौरान, केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात राज्य वन विभाग के अधिकारियों को एक रोड मैप तैयार करने के लिए कहा जो अगले 25 वर्षों तक शेरों के इस साम्राज्य को बनाए रखेगा।

यह वृत्तचित्र श्रृंखला जियो टीवी, यूट्यूब जैसे विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

एपिसोड के शीर्षक:

  1. कहानी की खोज
  2. भूरिया बंधु की कहानी
  3. भूरिया बंधु और टीलिया की टक्कर
  4. माँ आखिर माँ है
  5. भाई की भाई से न बनी
  6. शहज़ादों की परवरिश
  7. शिकार और शिकारी
  8. पुनर्मिलन
  9. सौहार्द और सह-अस्तित्व
  10. शाही मरीज और उनका इलाज
  11. शाही सल्तनत के साथी
  12. इतिहास के पन्नों में

विडियो डाउनलोड करने हेतु लींक खोलेः

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