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Homeन्यूजचप्पल उठाने से लेकर पीकदान पकड़ने तक, पढ़िए पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती का ‘ब्यूरोक्रेसी ज्ञान’

चप्पल उठाने से लेकर पीकदान पकड़ने तक, पढ़िए पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती का ‘ब्यूरोक्रेसी ज्ञान’

Uma Bharti
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ब्यूरोक्रेसी की औकात से चर्चा में आईं पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती (Uma Bharti) के विवादित बयानों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा, खैर अब उन्होंने अपने पुराने बयान पर सफाई दे दी है, लेकिन सफाई के साथ-साथ एक सवाल भी छोड़ गई हैं, अब नया सवाल एक आईएएस अधिकारी के पीकदान पकड़ने का है.

 

दरअसल उमा भारती (Uma Bharti) ने ट्वीट कर लिखा है कि साल 2000 में जब वो केन्द्रीय पर्यटन मंत्री थीं तो बिहार की तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके पति लालू यादव के साथ पटना से बोधगया हेलीकॉप्टर में गईं. उनके सामने बिहार के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बैठे हुए थे, उसी दौरान लालू यादव ने पीकदान में थूका और उसे आईएएस अधिकारी को देकर कहा कि खिड़की के बगल में नीचे रख दो, तब अधिकारी ने ऐसा कर भी दिया.

अब इस बयान पर बवाल मचा हुआ है, लेकिन इससे पहले वाला बयान तो और वायरल है. दरअसल इससे पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसमें वह ये बता रही हैं कि ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं होती, चप्पल उठाने वाली होती है, उमा भारती ने कहा कि आपको क्या लगता है ब्यूरोक्रेसी नेता को घुमाती है, नहीं. पहले अकेले में बात हो जाती है फिर फाइल आती है. 11 साल तक मैं केन्द्र में मंत्री और मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रही हूं. मतलब अपने कार्यकाल का अनुभव उमा भारती (Uma Bharti) ऐसे बता रही हैं, जैसे उस वक्त ब्यूरोक्रेसी सिर्फ इसी काम के लिए थी.

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हालांकि बयान पर बवाल मचने के बाद उमा भारती (Uma Bharti) ने अब सफाई भी दी है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि ब्यूरोक्रेसी पर बोली गई असंयत भाषा पर मैंने आत्मग्लानि अनुभव की और से व्यक्ति भी किया, लेकिन मेरे भाव बिल्कुल सही थे. मैंने यह सबक सीखा है कि अनौपचारिक बातचीत में भी संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए.

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