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Homeन्यूजहिंदुस्तान का हर सातवां किशोर डिप्रेशन का शिकार, स्टेट ऑफ द वर्ल्ड चिल्ड्रन रिपोर्ट से हुआ खुलासा

हिंदुस्तान का हर सातवां किशोर डिप्रेशन का शिकार, स्टेट ऑफ द वर्ल्ड चिल्ड्रन रिपोर्ट से हुआ खुलासा

World Children's Report
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हिंदुस्तान में हर सातवां बच्चा या यूं कहें कि हर 7 में से एक किशोर डिप्रेशन का शिकार है, ये बात आपको चौंकाने वाली लग सकती है. लेकिन इसका खुलासा यूनिसेफ (UNICEF) की एक रिपोर्ट से हुआ है. स्टेट ऑफ द वर्ल्ड चिल्ड्रन रिपोर्ट ( State Of The World Children’s Report) से ये जानकारी सामने आई है कि बच्चों को न सिर्फ मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानियां बल्कि उन्हें उपेक्षा और दुर्व्यवहार का भी खतरा है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने स्टेट ऑफ द वर्ल्ड चिल्ड्रन रिपोर्ट (State Of The World Children’s report) जारी करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य एक पुराना और उभरता हुआ मसला है. हमारे देश में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं.

ग्रामीण कृषि पृष्ठभूमि और संयुक्त परिवार का उदाहरण देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि कैसे संयुक्त परिवार में बच्चे और किशोर हर मसले पर परिवार के किसी न किसी सदस्य से बात कर लेते हैं, जबकि एकल परिवार में ऐसा नहीं होता. उन्होंने कहा कि इसी संस्कृति के कारण आज अलगाव के मामले बढ़े हैं, जिसकी वजह से मानसिक तनाव की समस्या बढ़ती जा रही है.  

World Children's report

Image Courtesy: Twitter.com

मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से देखने की जरूरत 

ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से देखने की जरूरत है. परिवार और शिक्षकों को बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए. केन्द्रीय मंत्री ने परीक्षा पे चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने छात्रों को परीक्षा के तनाव से राहत दिलाने के लिए व्यक्तिगत प्रयास किए गए हैं.  वहीं केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं.

7 में से एक किशोर डिप्रेशन का शिकार 

साथ ही भारत में यूनिसेफ के प्रतिनिधि डॉ. यास्मीन अली हक ने रिपोर्ट के हवाले से कई अहम जानकारियां दी. उन्होंने बताया कि स्टेट ऑफ वर्ल्ड चिल्ड्रन 2021 की रिपोर्ट (World Children’s Report 2021) के मुताबिक 15 से 24 साल के लोगों में से करीब 14 प्रतिशत या 7 में से एक ने कहा कि उसने खुद को अवसादग्रस्त महसूस किया या चीजों को करने में उसकी कम दिलचस्पी थी,यानि उसे मानसिक परेशानी हुई.

World Children's report

Image Courtesy: Twitter.com

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रिपोर्ट (World Children’s Report) के हवाले से ये भी जानकारी सामने आई है कि बच्चे न केवल मानसिक पीड़ा का जीवन जी रहे हैं बल्कि उनमें से कई को उपेक्षा और दुर्व्यवहार का खतरा है. मतलब यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक हिंदुस्तान में किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है.

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