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Homeन्यूजमायावती का यूपी चुनाव से मोहभंग!, आखिर क्यों है भाजपा के लिए परेशानी, समझिए ये पूरा गणित

मायावती का यूपी चुनाव से मोहभंग!, आखिर क्यों है भाजपा के लिए परेशानी, समझिए ये पूरा गणित

UP Assembly Election 2022
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UP Assembly Election 2022: यूपी चुनाव के महासंग्राम में अब कुछ ही महीने शेष रह गए है। यूपी के चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका भी कांग्रेस-भाजपा के बराबर रहती है। यूपी के क्षेत्रीय दलों में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी मुख्य रूप से सक्रिय रहती है। लेकिन इस बार चुनाव (UP Assembly Election 2022) में सिर्फ दो-तीन महीने ही बाकी रहे गए है और बसपा की प्रमुख मायावती चुनाव की मुख्यधारा से नदारद है। अमित शाह ने अपनी जनसभा में मायावती पर तंज भी कसा था। जिसका जवाब भी मायावती ने दिया है। लेकिन क्या आप जानते है मायावती के इस तरह चुनाव से नदारद रहना भाजपा के लिए मुसीबत भी बन सकता है। चलिए हम आपको बताते आखिर क्यों भाजपा चाहती है कि यूपी चुनाव में मायावती भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में नज़र आए।

दलित-मुस्लिम वोटों पर मायावती की अच्छी पकड़:

यूपी की पूर्व सीएम मायावती राजनीति के सारे दांव-पेच जानती है। अगर मायावती के वोटों की ताकत की बात करें तो आज भी मायावती का यूपी के दलित और मुस्लिम वोटों पर अच्छा ख़ासा प्रभाव है। राजनीति के जानकारों के अनुसार दलित और मुस्लिम वोट अगर इस बार मायावती से छिटके तो उनका रुख सपा की तरफ हो सकता है। अगर सपा को इस बार चुनाव में दलित और मुस्लिम वोट का बड़ा हिस्सा मिल जाता है तो उनके लिए चुनाव जितना बेहद आसान हो सकता है। भाजपा को इस बार चुनाव में चुनौती बसपा और कांग्रेस से नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी से मिलती दिखाई दे रही है।

बसपा ने बिगाड़ा था पिछले चुनाव में अखिलेश का खेल:

बता दें यूपी चुनाव में पिछले चुनाव में भी भाजपा के सामने अगर कोई पार्टी टक्कर में नज़र आ रही थी तो वो समाजवादी पार्टी ही थी। यूपी की करीब 50 से ज्यादा सीटों पर पिछली बार सपा यानी अखिलेश का खेल बसपा के प्रत्याशियों ने बिगाड़ा था। बसपा के प्रत्याशियों ने भाजपा से ज्यादा नुकसान सपा को ही पहुंचाया था। ऐसे में राजनीति के जानकारों की मानें तो आने वाले चुनाव में अगर मायावती की पार्टी ऐसे ही रुख अपनाए रही तो सपा को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।

सपा पर नरम नजर आ रही है मायावती:

बसपा प्रमुख मायावती ने अपने चुनावी रैलियों से दूरी को लेकर भी कांग्रेस और भाजपा पर ही निशाना साधा था। बसपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस आदि पार्टियां जो खूब चुनावी सभाएं कर रही हैं। इन पार्टियों को गरीबों के खजाने की ही गर्मी इन्हें चढ़ी हुई है। सरकारी खर्चे से कांग्रेस और बीजेपी खूब चुनावी सभाएं करती हैं। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रति अपना रुख नरम ही रखा। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ बड़ा उलटफेर भी देखने को मिल सकता है।

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