Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Saturday / July 2.
Homeभक्तिनाम भले ही विवाह पंचमी है लेकिन इस दिन विवाह नहीं होते बल्कि पूजा होती है, पढ़ें विवाह पंचमी की खास बातें

नाम भले ही विवाह पंचमी है लेकिन इस दिन विवाह नहीं होते बल्कि पूजा होती है, पढ़ें विवाह पंचमी की खास बातें

Vivah Panchami 2021
Share Now

अक्सर नाम से आप त्यौहार का अंदाजा लगा लेते हैं, जैसे- अगर नागपंचमी और नाग की पूजा और निर्जला एकादशी है तो बगैर खाये-पीये उपवास समेत कई ऐसे त्यौहार हैं जिसका नाम सुनते ही व्यक्ति उस त्यौहार के संबंध में समझ जाता है लेकिन विवाह पंचमी(Vivah Panchami 2021) एक ऐसा त्यौहार है, जिसके बारे में आप सिर्फ नाम सुनकर नहीं समझ सकते. दरअसल इसका नाम भले ही विवाह पंचमी है लेकिन इस दिन विवाह करना शुभ नहीं माना जाता.

8 दिसंबर को है विवाह पंचमी

हर साल मागर्शीर्ष (अगहन) महीने के शुक्लपक्ष की पांचवीं तिथि को ये त्यौहार मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था. ये दिन(Vivah Panchami 2021) इतना पवित्र है कि इस दिन भगवान राम और मां सीता की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

Vivah Panchami

Image Courtesy: Google.com

विवाह पंचमी पर ऐसे करें पूजा

इस बार 8 दिसंबर को विवाह पंचमी(Vivah Panchami 2021) है. इस बार 7 दिसंबर की रात 11 बजकर 40 मिनट से 8 दिसंबर की रात 9 बजकर 25 मिनट तक पंचमी तिथि है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि करके पूजा-पाठ करें. चौकी पर भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा स्थापित करें और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें. साथ ही रामचरितमानस(Ramcharitmanas) का पाठ भी कर सकते हैं. इस दिन सिर्फ पूजा-अर्चना का ही विधान है, इस दिन शादी करना शुभ नहीं माना गया है.

इस वजह से इस दिन नहीं होते विवाह

खासकर भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या और माता सीता की नगरी जनकपुर(नेपाल) में इस दिन विवाह नहीं होते, इसके पीछे वजह ये बताई जाती है कि माता सीता का जीवन खुशहाल नहीं रहा. पूरी तरह से विधि-विधान और ग्रह-नक्षत्रों को अनुकूल मानकर भगवान राम और सीता की शादी संपन्न हुई थी लेकिन फिर भी उन्हें वन जाना पड़ा, उनकी जिंदगी खुशहाल नहीं रही. हालांकि कुंवारी कन्याएं जो इस दिन पूजा-अर्चना करती हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

Vivah Panchami

Image Courtesy: Google.com

ये भी पढ़ें: Chitragupta Puja 2021: इस दिन होती है कलम-दवात की पूजा, पढ़ें भगवान चित्रगुप्त की जन्म की कहानी

पौराणिक कथाओं में है इस प्रसंग का जिक्र

जहां तक माता सीता और भगवान राम के खुशहाल जिंदगी की बात है तो पौराणिक कथाओं में ये प्रसंग भी आता है कि जब गुरु वशिष्ठ से किसी ने पूछा कि दिन-तिथि और ग्रह-नक्षत्र सबकुछ अनुकूल होने के बाद ही शादी की तिथि तय की गई, शादी शुभ मुहूर्त में हुई तो फिर जिंदगी खुशहाल क्यों नहीं रही, उन्हें इतने कष्ट क्यों सहन करने पड़े. जिस पर गुरु वशिष्ठ ने कहा कि शादी के लिए मुहूर्त(Vivah Panchami 2021) शुभ था लेकिन भाग्य को नहीं बदला जा सकता, किस्मत का लेख वही रहता है. हालांकि पौराणिक मान्यताएं और विज्ञान का दृष्टिकोण दोनों अलग-अलग है.   

No comments

leave a comment