Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Friday / October 15.
Homeनेचर एंड वाइल्ड लाइफगिद्ध अपने पैरों पर करते हैं पेशाब,क्या गिद्ध का यह बर्ताव बचाएगा आपकी जान

गिद्ध अपने पैरों पर करते हैं पेशाब,क्या गिद्ध का यह बर्ताव बचाएगा आपकी जान

Vulture
Share Now

गिद्ध (Vulture) एक अदभुत पक्षी. लोग इस पक्षी को देखकर ही घिनौना समझते है, लेकिन क्या सच में गिद्ध घिनौना होता है. जंगल में या किसी ऐसी जगह जहां पर मुर्दा पशु या दूसरा कोई जीव मरा हुआ हो. वहां के आकाश में बहुत ज्यादा ऊंचाई पर गिद्ध (Vulture) मंडराते हुई देख सकते है.

Vulture

जंगलों में पहाडों और ऊंचे पैड़ो की चौटियों से गिद्ध अपनी शानदार नजर से खुराक ढूंढ लेते हैं. शिकार को ढूंढते-ढूंढते 50 किलोमीटर तक की दूरी, एक उड़ान में आसानी के पार कर लेता है. अपना भोजन खोज कर आसपास के आकाश में मंडराते है. और सभी गिद्ध एक-एक करके शिकार के पास उतरते है. धीरे-धीरे शिकार के आसपास जमा हुए गिद्ध अपने शिकार को खाने लगते है. और यहां से शुरु होता है गिद्धों को समझने का सफर.  

Vulture

खाना खाने के बाद गिद्ध पानी या दूसरी जगह पर बैठते है. यहां पर बैठे गिद्धों को अपने ही पैरों पर पेशाब करते हैं. साथ में अपने ही पैरों पर भी मल का त्याग करते देखा जा सकता है. इसी कारणों से लोग गिद्धों को बुरा या सबसे गंदा पक्षी मानते है.

क्या गिद्ध है गंदा?

गिद्ध (Vulture) अपने पैरों पर मल और मूत्र का त्याग करते है. ये आदत आपको भले ही पसंद न हो लेकिन गिद्ध की यह आदत आपको और आपके परिवारजनों के सुखाकारी के लिए बेहद जरूरी हैं. गिद्ध की इसी आदत से लोग भयंकर महामारी जैसी बीमारियों से बचते है. गिद्ध सड़े हुए मांस को खाते है अगर यह इस मांस को खाया न जाए तो यहां पर जन्म होने वाले बैक्टीरिया बहुत सारी गंभीर बीमारियों का कारक बन सकते है.    

Vulture

गिद्ध इन सड़े हुए मांस पर खड़े होकर मांस को खाना खाते है. इस तरह से खराब मांस में मौजूद जीवाणुं गिद्ध के पैरों पर लग जाते है इसी बैक्टीरिया से निजात पाने के लिए गिद्ध अपने पैरों पर मल और मूत्र का त्याग करते हैं. जिससे गिद्ध खुद को तो बीमार होने से या किसी भी प्रकार के ईन्फेक्शन बचा सकता है. साथ में इंसान और दूसरे जीवों को भी सड़े हुए मांस और गंभीर बीमारियों से बचाते हैं.

यहाँ भी पढ़ें : कबूतर को आप दोस्त समझ रहे हो, वो हो सकता है आपका सबसे बड़ा दुश्मन

(Vulture) गिद्ध के मल और मूत्र एक तरह से सेनेटाईजर का काम करता है. वैज्ञानिक साथ में ये भी मानते है कि गिद्ध अपने पैरों को ठंडा रखने के लिए अपने पैरों  पर मल-मूत्र का त्याग करते है. तो साथ ये मल-मूत्र जहां पर भी गिरते है वहां आसपास भयानक जीवाणु को नष्ट कर देते हैं. इस प्रकार के बेहेवियर को (Urohidrosis) युरोहाईड्रोसिस कहते है. खास करके यह बिहेवियर वल्चर्स और स्टोर्क में देखने को मिलता है.

यहाँ भी पढ़ें : देखा है कभी इंसान के बच्चे तरह रोता पक्षी, इस पक्षी का क्या है राज?

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

No comments

leave a comment