Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Wednesday / October 27.
Homeनेचर एंड वाइल्ड लाइफक्या पानी को लेकर होगा विश्वयुद्ध ? भारत में हर साल तीन सेंटीमीटर कम हो रहा है पानी का भंडार

क्या पानी को लेकर होगा विश्वयुद्ध ? भारत में हर साल तीन सेंटीमीटर कम हो रहा है पानी का भंडार

Water crisis
Share Now

पूरी दुनिया जल संकट (Water crisis) से लड रही हैं. अब इस संकट से भारत भी बचा नहीं है. यह रिपोर्ट भारत देश को परेशान करने वाली हो सकती है. विश्व मौसम विज्ञान संगठनने एक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट के अनुसार स्थलीय जल संग्रहण में 1 सेन्टिमीटर की गिरावट देखने को मिली है. सबसे ज्यादा पानी के भंडार में गिरावट अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड देखने को मिली है. यह गिरावट ज्यादा आबादी वाले और कम अक्षांश वाले क्षेत्रों में जल संग्रहण में गिरावट दर्ज की गई है.

Water crisis

इस रिपोर्ट में भारत देश का नाम भी शामिल है. भारत में प्रति वर्ष कम से कम 3 सेमी की पानी के भंडार में गिरावट दर्ज की गई है. कुछ क्षेत्रों में यह गिरावट 4 सेमी. प्रति वर्ष से भी अधिक देखने को मिली है.

अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड के बाद सबसे अधिक पानी के भंडार में गिरावट भारत देश में देखने को मिली हैं. डब्ल्यूएमओ के विश्लेषण के अनुसार, भारत स्थलीय जल संग्रह में गिरावट का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है. यह गिरावट भारत के उत्तरी भाग में सबसे ज्यादा दर्ज की गई है.

Water crisis

जलवायु परिवर्तन या मानवीय गतिविधियों के कारण बुरी तरह से प्रभावित हैं. गौरतलब है कि इस मानचित्र में ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका शामिल नहीं हैं, क्योंकि इनके जल संचयन में आई गिरावट के समक्ष अन्य महाद्वीपों के जल संचयन में गिरावट की प्रवृत्तियां तुच्छ प्रतीत होती हैं.

पानी के भंडार को भू-सतह के ऊपर और उपसतह में उपलब्ध जल अर्थात्, मिट्टी में नमी, बर्फ तथा भूजल के योग के रूप में परिभाषित किया जा सकता है. मानव विकास के लिए जल एक प्रमुख आधार है. लेकिन पृथ्वी पर उपलब्ध कुल पानी का केवल 0.5 प्रतिशत ही उपयोग योग्य है और मीठे जल के रूप में उपलब्ध है.

Water crisis

Photo: Akshay Deshmane

दुनिया भर के जल संसाधन मानवीय गतिविधियों के कारण कम हो रहे हैं. इनमें आबादी की वृद्धि, शहरीकरण और मीठा जल कम मिलना शामिल हैं. जनसंख्या वृद्धि के कारण भारत में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता घट रही है. औसत वार्षिक प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता लगातार घट रही है. यह वर्ष 2001 के 1,816 क्यूबिक मीटर की तुलना में वर्ष 2011 में घटकर 1,545 क्यूबिक मीटर हो गई.

यहाँ भी पढ़ें : गिद्ध अपने पैरों पर करते है पेशाब,क्या गिद्ध का यह बर्ताव बचाएगा आपकी जान

एक अनुमान के मुताबिक जल की उपलब्धता 2031 में घटकर 1,367 क्यूबिक मीटर से भी कम हो जाएगी. इन आंकडों से पता लगता है कि देश भयंकर जल संकट में है. देश को जल संकट (Water crisis) से उभरने के लिए कुछ बेहतर कदम उठाने चाहिए वरना पानी के लिए युद्ध होने में कोई देर नहीं लगेगी.

यहाँ भी पढ़ें : नदी जिंदा है या मुर्दा बताने वाली मछली पर अस्तित्व का संकट, क्या इंसान कुछ नहीं बचने देगा ?

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

No comments

leave a comment