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पश्चिमी वायु कमान को सर्वोच्च स्तर की तैयारी रखने का निर्देश

WESTERN AIR COMMAND COMMANDERS’ CONFERENCE
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नई दिल्ली: एक तरफ जहां पूर्वी लद्दाख में LAC पर भारतीय सेना का चीन के साथ संघर्ष चालू है, उसी बीच पश्चिम वायु कमान के कमांडरों का सम्मेलन आयोजित हुआ था। इस सम्मेलन में कई बड़े अधिकारी शामिल हुए और कमांडरों के कार्यो की सराहना की। साथ ही में पश्चिमी वायुसेना कमान को आपात स्थिति में त्वरित सक्रियता दिखाने के लिए सर्वोच्च स्तर के अभियान संबंधी तैयारियां रखने का निर्देश भी दिया गया।

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एयर चीफ मार्शल ‘राकेश कुमार सिंह भदौरिया’ थे मुख्य अतिथि 

पश्चिम वायु कमान के कमांडरों का दो दिवसीय सम्मेलन 24 एवं 25 जून 2021 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। कोविड महामारी की वजह से यह सम्मेलन मिश्रित रूप से आयोजित किया गया था। जिसमे कुछ कमांडर विडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा सम्मेलन में शामिल हुए।

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मुख्य अतिथि एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया(Rakesh Kumar Singh Bhadauria), वायु सेना अध्यक्ष की अगुवाई मे पश्चिम वायु कमान के वायु अफसर कमांडर-इन-चीफ एयर मार्शल विवेक राम चौधरी(Vivek Ram Chaudhari) का स्वागत किया।

WESTERN AIR COMMAND COMMANDERS’ CONFERENCE (1)

राकेश कुमार सिंह भदौरिया जी को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, वायु सेना मेडल, एडीसी का सम्मान मिला है। और विवेक राम चौधरी जी भी परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, वायु सेना मेडल से सम्मानित है।

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सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा

इस विचार-विमर्श के दौरान कमांडरों ने उत्तरी सीमा पर देश के सामने आनेवाली सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। वायुसेना प्रमुख ने अपने बयान में उभरते सुरक्षा परिदृश्य का व्यापक विश्लेषण करने, अभियान संबंधी तैयारियों को बढ़ाने तथा मजबूत भौतिक एवं साइबर सुरक्षा ढांचा(Strong physical and cyber security infrastructure) तैयार करने की जरूरत बताई।

वायु सेना अध्यक्ष ने अपने संबोधन में गहन विश्लेषण और संक्रियात्मक तैयारियों को उन्नत बनाने के उपायों, रखरखाव के तरीकों में सुधार और अभेद्य वास्तविक एवं साइबर सुरक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होने कमांडरों को सभी प्लेटफॉर्म्स, शस्त्र प्रणाली और परिसंपत्तियों की उच्च स्तर पर संक्रियात्मक तैयारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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सभी वायु सेना प्रतिष्ठानों की प्रशंसा

महामारी की चुनौतियों के बावजूद भी उत्तरी सीमा पर हाल ही में उभरे तनाव में त्वरित प्रतिक्रिया और उच्च समर्पण के प्रदर्शन के लिए वायु सेना अध्यक्ष ने पश्चिम वायु कमान के सभी वायु सेना प्रतिष्ठानों की प्रशंसा की। वायु सेना अध्यक्ष ने कोविड संबंधी कार्यों के लिए प्रत्येक स्टेशन के प्रयासों और किए गए कार्यों की सराहना की।

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उन्होने पश्चिम वायु कमान के उड़ान सुरक्षा रेकॉर्ड की भी प्रशंसा की और सभी कमांडरों से सुरक्षित संक्रियात्मक वातावरण के लिए गंभीर प्रयास करते रहने का आग्रह किया।भारतीय वायु सेना के संभावित अन्तरिक्ष शक्ति में परिवर्तन के लक्ष्य के लिए आत्म निर्भरता और भारतीयकरण से शक्ति संरचना द्वारा अपनी संक्रियात्मक क्षमता को बढ़ाते हुए, भारतीय वायु सेना के भविष्य को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

पिछले साल पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ने के बाद से भारतीय वायुसेना ने सुखोई 30 एमकेआई(Sukhoi Su-30MKI), IAF जगुआर (IAF jaguar) तथा मिराज 2000 (Dassault Mirage 2000) जैसे अपने अग्रिम पंक्ति के लगभग सभी लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया था। उसके साथ ही पूर्वी लद्दाख तथा वास्तविक नियंतण्ररेखा पर प्रमुख वायु सेना केंद्रों में हमलावर हेलीकॉप्टर भी तैनात किये गये थे।

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