Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Sunday / September 25.
Homeहेल्थविश्व अस्थमा दिवस : कोविड मै केसे करे अस्थमा की केर?

विश्व अस्थमा दिवस : कोविड मै केसे करे अस्थमा की केर?

World Asthma Day
Share Now

कोरोना काल मै पहेले से ही बीमारीओने लोगो को गेर रखा हे, ख़ास कर सांस सबंधित प्रॉब्लेम्स लोगो को परेसान कर रही हे।  ये एक श्वशन सबंधि बीमारिया है। लोगो को इससे सावधान रहेना चाहिये। आज जब विश्व अस्थमा दिवस है तब हम आपके लिए इससे जुड़ी कुछ information लेकर आए हे।  कोरोना के इस काल मे हम केसे एशि बीमारियो से बच सकते है ओर क्या है इसके Symptoms जानते है।   चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन की स्टडी में ये खुलासा हुआ है की देश में सबसे ज्यादा संख्या सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की है. 50 फीसदी से ज्यादा मरीज सांस से जुड़ी बीमारी की वजह से ही डॉक्टर के पास जाते हैं.

 

  • सरकारी एजेंसी के सहयोग से किए गए इस अध्ययन में देश के 880 शहर और कस्बों के 13,250 डॉक्टरों से बात की गई थी.
  • 7400 डॉक्टरों के पास मौजूद मरीजों के रिकार्ड के आधार पर 2,04,912 मरीजों के रिकॉर्ड की जांच के बाद ये चौंकाने वाला सच सामने आया है.
  • दुनिया में 15 करोड़ लोग अस्थमा के शिकार  
  • अस्थमा से हर साल 1,80,000 लोगों की मौत
  • भारत में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को अस्थमा
  • कुल मरीजों में 50 फीसदी सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित  
asthma

getty images

क्या है अस्थमा 

अस्थमा को आम भाषा में दमा कहा जाता है. जब शरीर की सूक्ष्म श्वास नलियों में कोई रोग हो जाता है तो सांस लेने मे परेशानी होने लगती है. जिससे खांसी होती है. यह स्थिति बढ़ने पर अस्थमा बन जाती है. अस्थमा एक गंभीर बीमारी है.

पल्मोनोलोजिस्ट डोकटर नरेंद्र रावल का कहना है की, एक research मै बाहर आया है की सल्ब्युटामोल इन्हेलर अगर  साल मै  तीन से ज्यादा बार लिया जाए तो दर्दीओ मै हार्ट अटैक के चांसेस ज्यादा बढ़ जाते है। ये इन्हेलर का नियत समय मात्रा मै यूस करना हितावहक है।  OTT India से बात करते हुऐ उन्होने बताया की अस्थमा के दर्दी को जब सांस की Nadi संकुचित होती जाती है। ओर जब दर्दी को सूजन होती है तब ब्यूडिसोनाइड इन्हेलर का यूस किया जाता है।  लोगो को इस बात की जानकारी नहीं हे की अगर कोरोना के दर्दी को इन्हेलर सुबह सांज दो बार दिया जाए तो कोरोना के patient को ये सांस सबंधित अटैक आना बन्ध हो सकते है।  हवा मै भी प्रदूषण बढ्ने के कारन ashtama के दर्दीओ की समस्याऐ बढ़ जाती है।  उन्होने ashtma के दर्दीओ को कोनसी दवाइया लेनी चाहिए उसकी जानकारी भी दी है, ज्यादा सांस की तकलीफ हो तो ics दवाइया है, ओर ब्यूडिसोनाइड आप ले सकते है , दमा के दर्दीओको ख़ासी, जुकाम के साथ अगर बुखार आए तो उनलोगो को ITPCR टेस्ट करना जरूरी है। ओर अगर जरूर लगे तो कोविड के ब्लड टेस्ट हे वो भी करवाना जरूरी है। डॉ की सलाह पर चले ओर कोरोना को मात दे।

 

mask

PC: (K.K. Choudhary/BCCL Mumbai)

अस्थमा के आम लक्षण

पीड़ित को शुरुआती समय में खांसी, सरसराहट और सांस उखड़ने के दौरे आना

रात के समय में लगभग 2 बजे के बाद दौरे पड़ना

कफ सख्त, बदबूदार तथा डोरीदार निकलना

सांस लेने में बहुत अधिक कठिनाई होना

सांस लेते समय अधिक जोर लगाने पर चेहरा लाल हो जाना

लगातार छींक आना

Asthma Child p

Google

फेंफड़ों पर बुरा असर

इंसानी शरीर के लिए एक दिन में लंग्स और दूसरे हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए 10 हजार लीटर हवा की जरूरत होती है

ऐसे में दूषित हवा ना केवल लंग्स पर बुरा असर डाल रही है

अध्ययन के दौरान देश में सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लक्षणों में भी समानता मिली

चिंता की बात ये है कि बच्चों में अस्थमा का अटैक तेजी से बढ़ रहा है और इसकी बड़ी वजह भी प्रदूषण ही है.

घरों में जलने वाले चूल्हे लोगों को सांस की बीमारियों का शिकार बना रहे हैं.

इसी वजह से कम वजन वाले, प्रीमैच्योर बच्चे पैदा हो रहे हैं.

 

cysticDiagnosis

Google

कैसे बढ़ रही तादाद (विकसित देश)

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक स्विट्जरलैंड की 8 फीसदी आबादी अस्थमा की शिकार है. 25 साल पहले ये संख्या महज 2 फीसदी थी

जापान में 30 लाख जबकि जर्मनी में 40 लाख लोग अस्थमा से पीड़ित हैं

बेल्जियम के यूसीबी इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी के मुताबिक पश्चिमी यूरोप में पिछले 10 सालों में अस्थमा के मरीजों की तादाद दोगुनी हो गई है 

1980 के दशक के बाद अमेरिका में अस्थमा प्रभावितों की संख्या में 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यहां हर साल 5 हजार लोगों की मौतों का कारण अस्थमा है

आस्ट्रेलिया में 16 साल तक के हर 6 में से एक बच्चे को सांस से जुड़ी बीमारी है 

Athama day

Google

कैसे बढ़ रही तादाद (विकासशील देश) 

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 1.5-2.0 करोड़ से ज्यादा लोगों को सांस से जुड़ी बीमारी है. देश में 25 प्रतिशत आबादी किसी न किसी एलर्जी से प्रभावित है. इनमें से 5 प्रतिशत लोग अस्थमा के शिकार हो जाते हैं.

भारत में 5 से 11 साल के 10-15 प्रतिशत बच्चे अस्थमा से पीड़ित हैं

ब्राजील, कोस्टारिका, पनामा, पेरू और उरुग्वे में बच्चों में अस्थमा के मामलों में 20 से 30 फीसदी की बढोतरी हो गई है. 

patientengag

Google

क्यों बढ़ रही बीमारी 

चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन के मुताबिक देश में सांस की बीमारियों में इजाफे की सबसे बड़ी वजह वायु प्रदूषण है. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट पहले ही देश को प्रदूषण का का आइना दिखा चुकी है. इसके अनुसार विश्व के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में एक दर्जन भारत में हैं.

 

 

दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर (WHO)

  • ईरान का अहवाज, भारत का दिल्ली 
  • मंगोलिया का बतोर, भारत का पटना
  • ईरान का सनंदज, भारत का ग्वालियर
  • पाकिस्तान का क्वेटा, भारत का रायपुर
  • ईरान का केरमनशाह, पाकिस्तान का कराची
Delhi

Google

  • पाकिस्तान का पेशावर
  • बोत्सवाना का गाबोरोन, पाकिस्तान का रावलपिंडी  
  • ईरान का यासुज और खोरमाबाद
  • भारत का अहमदाबाद
  • पाकिस्तान का लाहौर, भारत का लखनऊ 
india

Google

इसके अलावा फिरोजाबाद, कानपुर, अमृतसर, लुधियाना, इलाहाबाद और आगरा भी दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शामिल हैं.

pakistan

Google

प्रदूषण से बीमारियां

हार्टअटैक, जल्दी दम फूलना, सांस लेने में परेशानी, खांसी और सर्दी बने रहनाबैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन

यहाँ पढ़ें: धार्मिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से श्रीफल अत्यंत शुभ और पौष्टिक माना जाता है!

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

Android: http://bit.ly/3ajxBk4  

iOS: http://apple.co/2ZeQjTt 

 

No comments

leave a comment