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Homeन्यूजजानें क्या है भारतीय अंतरिक्ष संघ, कौन-कौन कंपनिया हैं इसमें शामिल और इसे क्यों कहा जा रहा ऐतिहासिक

जानें क्या है भारतीय अंतरिक्ष संघ, कौन-कौन कंपनिया हैं इसमें शामिल और इसे क्यों कहा जा रहा ऐतिहासिक

Indian Space Association
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारतीय अंतरिक्ष संघ (Indian Space Association) का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी जितनी निर्णायक सरकार भारत में पहले कभी नहीं है. स्पेस सेक्टर और स्पेस टेक को लेकर आज भारत में जो बड़े सुधार हो रहे हैं, भारतीय अंतरिक्ष संघ उसी की एक कड़ी है. इस्पा (ISPA) के गठन के लिए सभी को बधाई.

क्या है भारतीय अंतरिक्ष संघ

भारतीय अंतरिक्ष संघ के शुभारंभ को ऐतिहासिक कदम करार दिया जा रहा है, आखिर ऐसा क्या बदल जाएगा कि इसे इतना ऐतिहासिक बताया जा रहा है तो ये समझने की जरूरत है. इसके लिए सबसे पहले आपको भारतीय अंतरिक्ष संघ के बारे में जानने की जरुरत है. आसान भाषा में समझें तो यह अंतरिक्ष और उपग्रह कंपनियां (सैटेलाइट वाली कंपनियां) का एक प्रमुख उद्योग संघ है. जो भारतीय अंतरिक्ष उद्योग का सामूहिक प्रतिनिधित्व करेगा.

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Image Courtesy: Google.com

स्पेस सेक्टर में खुलेंगे निजी कंपनियों के लिए दरवाजे

कुल मिलाकर इसे ऐसे समझिए कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी निजी कंपनियों के लिए दरवाजे खुल जाएंगे तो उससे फायदा ये होगा कि अलग-अलग कंपनियों की मदद से स्पेस अभियान को और बढ़ावा दिया जाएगा. आत्मनिर्भर भारत के तहत अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, इसलिए इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया जा रहा है.

ये भी पढ़ें: Space Station Life: अंतरिक्ष में जाने वाले कहां रहते हैं, कैसे रिसर्च करते हैं और वो जगह कैसी है, क्या जानते हैं आप

भारतीय अंतरिक्ष संघ में शामिल हैं ये कंपनियां

अब बात करते हैं कि भारतीय अंतरिक्ष संघ (Indian Space Association) कौन-कौन सी कंपनियां शामिल हैं. PIB की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक लार्सन एं टुब्रो, नेल्को (टाटा ग्रुप), वनवेब, भारती एयरलेट, मैप माय इंडिया, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज और अनंत टेक्नोलॉजी लिमिटेड इसके संस्थापक सदस्य हैं. इसके अलावा गोदरेज, मैक्सार इंडिया, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स, ह्यूजेस इंडिया, अजिस्ता-बीएसटी एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड और बीईएल जैसी कंपनियां भी इसमें शामिल हैं.

चार स्तंभों पर टिका है स्पेस रिफॉर्म्स

अब जानते हैं कि इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्या कुछ कहा. पीएम मोदी इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि जब हम स्पेस रिफॉर्म्स की बात करते हैं तो हमारी अप्रोच 4 स्तंभों पर टिकी है. जिनमें सबसे पहला प्राइवेट सेक्टर को इनोवेशन की आजादी है, दूसरा सरकार की Enabler (संबल) के रूप में भूमिका, तीसरा भविष्य के लिए युवाओं को तैयार करना और चौथा स्पेस सेक्टर को सामान्य मानव की प्रगति के संसाधन के रूप में देखना. यानि स्पेस सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में ये एक बड़ा कदम है.

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Image Courtesy: Google.com

इन उद्देश्यों के लिए काम करेगा भारतीय अंतरिक्ष संघ

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि स्पेस सेक्टर का मतलब पहले सरकार होता था लेकिन अब ऐसा नहीं है. स्पेस सेक्टर यानि सामान्य लोगों के लिए बेहतर मैपिंग, इमेजिंग और कनेक्टिविटी की सुविधा होती है. स्पेस सेक्टर का मतलब किसानों और मछुआरों के लिए मौसम की सटीक जानकारी, बेहतर सुरक्षा और आमदनी है. हमारे लिए स्पेस सेक्टर का मतलब पर्यावरण की बेहतर निगरानी और प्राकृतिक आपदाओं की सटीक भविष्यवाणी हैं, और अब यही लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष संघ के भी होंगे. मतलब भारतीय अंतरिक्ष संघ (Indian Space Association) की मदद से भारत अंतरिक्ष की असीम संभावनाओं को हम नए आकाश तक लेकर जाएगा.

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