Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Thursday / December 1.
Homeन्यूजअफगानिस्तान में तालिबान का राज: अब भारतीय निवेश का क्या होगा?

अफगानिस्तान में तालिबान का राज: अब भारतीय निवेश का क्या होगा?

Afghanistan
Share Now

तालिबान (Taliban) ने आखिरकार अफगानिस्तान (Afghanistan) पर नियंत्रण हासिल कर लिया है. अमेरिकी सेना के देश छोड़ने के कुछ ही दिनों के भीतर तालिबान ने हर प्रांत, हर शहर पर कब्जा कर लिया. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी मुल्क छोड़कर चले गए, ऐसे में सवाल यह है कि अब अफगानिस्तान में भारतीय निवेश (Indian investments in Afghanistan) का क्या होगा? बड़ी बात ये है कि भारत ने अफगानिस्तान में सड़कें, बांध, बिजली पारेषण लाइनें और सब स्टेशन, स्कूल-अस्पताल बनाए हैं.

400 से ज्यादा छोटी-बड़ी परियोजनाओं में निवेश

कुल मिलाकर भारत ने अफगानिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश किया है. इस हालत में सत्ता परिवर्तन दक्षिण एशियाई क्षेत्रों में भारत के सामरिक हित की दृष्टि से एक अहम घटना है. भारत ने अफगानिस्तान में 3 बिलियन से अधिक का निवेश किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अफगानिस्तान में 400 से अधिक छोटी और बड़ी परियोजनाओं पर काम किया है.

PM MODI AND ASHRAF GANI

 

यहाँ पढ़ें: तीन लोगों ने गंवाई जान, काबुल एयरपोर्ट पर मची भगदड़!

अब भारतीय निवेश का क्या होगा?

काबुल में स्थित अफगान संसद जो काबुल में है, वह अफगानिस्तान में भारत की सबसे बड़ी निवेश परियोजनाओं में से एक है. भारत ने अफगान संसद के निर्माण पर करीब 675 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. अफगान संसद का उद्घाटन भारतीय पीएम मोदी ने 2015 में किया था. उन्होंने कहा था कि भारत-अफगानिस्तान की दोस्ती ऐतिहासिक है. अफगानिस्तान की संसद में एक ब्लॉक भी है जिसका नाम पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है.

AFGHANISTAN PARLIAMENT

 

2016 में सलमा बांध परियोजना का हुआ था उद्घाटन 

इसके अलावा अफगानिस्तान में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सलमा बांध बनने जा रहा था. हेरात प्रांत में निर्माणाधीन सलमा बांध 42 मेगावाट की पनबिजली परियोजना है. जिसका उद्घाटन वर्ष 2016 में हुआ था और इसे भारत-अफगान मैत्री परियोजना के रूप में जाना जाता है.

SALAMA DAM

 

सलमा बांध इलाके पर तालिबान का कब्जा 

हेरात प्रांत में पिछले कुछ हफ्तों से अफगान सेना और तालिबान के बीच भारी लड़ाई जारी है. सलमा बांध के आसपास के इलाके पर तालिबान का कब्जा है. सलमा बांध की सुरक्षा के लिए तैनात कुछ सुरक्षाकर्मियों को भी तालिबान ने मार गिराया है.

जरांग-डेलाराम राजमार्ग निर्माण में निवेश

भारत के सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अफगानिस्तान में 218 किलोमीटर लंबे राजमार्ग बनाए हैं. ईरानी सीमा के निकट जरांग-डेलाराम राजमार्ग के निर्माण में भी भारत ने निवेश किया है. यह राजमार्ग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत को अफगानिस्तान में ईरान के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है. जरांग हाईवे के निर्माण में 11 भारतीयों की जान चली गई.

 

PM MODI AND ASHRAF GANI

कई परियोजनाओं में है भारत का निवेश 

भारत ने जरांग-डेलाराम के अलावा कुछ सड़क परियोजनाओं में भी निवेश किया है. जरांज-डेलाराम परियोजना भारत में सबसे महत्वपूर्ण निवेशों में से एक है. अगर पाकिस्तान जमीन से व्यापार रोकने की कोशिश करता है तो यह सड़क बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है. ऐसे में ये कहना अभी मुश्किल है कि भारत की ओर से जिन परियोजना में निवेश किया गया है, उनका क्या होगा, ये तभी स्पष्ट होगा जब तालिबान इसे लेकर अपना रूख स्पष्ट करेगा, लेकिन फिलहाल इस निवेश पर खतरा मंडराता जरूर दिख रहा है.

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

Android: http://bit.ly/3ajxBk4

IOS: http://apple.co/2ZeQjTt

No comments

leave a comment