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Homeकहानियांजानिए क्या है QUAD और कितने देश हैं इसमें शामिल, 24 सितंबर को बैठक में शामिल होंगे PM मोदी

जानिए क्या है QUAD और कितने देश हैं इसमें शामिल, 24 सितंबर को बैठक में शामिल होंगे PM मोदी

QUAD
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्वाड शिखर सम्मेलन (QUAD) में शिरकत करने वाले हैं, जिसे लेकर खूब चर्चा हो रही है. 22 सितंबर से 25 सितंबर तक अमेरिकी दौरे पर रहने वाले पीएम मोदी क्वाड शिखर सम्मेलन (QUAD Summit) के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात भी करेंगे, साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी ने अपने पूरे कार्यक्रम का शेड्यूल ट्वीट भी किया है.

खैर इन बातों से इतर खास चर्चा इस बार क्वाड शिखर सम्मेलन (QUAD Summit) की हो रही है. जिसे लेकर चीन भी बेचैन नजर आता है. जानकारी की बात ये है कि क्वाड मूल रूप से चार देशों का समूह है. हो सकता है कि आप नाम सुनकर नहीं समझ पाएं तो आसान भाषा में इसे ऐसे समझिए कि इसका पूरा नाम Quadrilateral Security Dialogue है, जिसका हिंदी मतलब चतुर्भुज सुरक्षा संवाद. मतलब चार देशों ने इसे मिलकर बनाया है, उन चार देशों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान शामिल हैं. हालांकि Quadrilateral Security Dialogue की वजह से QDS भी कहा जाता है.

quad countries

Image Courtesy: Google.com

ऐसे हुआ क्वाड (QUAD) का गठन

साल 2007 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इसका प्रस्ताव रखा था, लेकिन उस वक्त ऑस्ट्रेलिया चीन की दबाव में आ गया, जिसकी वजह से बात पूरी तरह से नहीं बन पाई थी. हालांकि क्वाड (QUAD) का गठन उसी वक्त हो गया था, लेकिन साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया इससे बाहर हो गया. उसके बाद साल 2017 में ऑस्ट्रेलिया की एक बार फिर वापसी हुई और तब भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने मिलकर क्वाड 2.0 (QUAD 2.0) का गठन किया. हालांकि वो अलग बात है कि इसे अभी भी क्वाड (QUAD) के नाम से ही जाना जा रहा है.

क्या है क्वाड का काम

दरअसल क्वाड के गठन का मूल उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति-स्थिरता स्थापित करना और कानून का पालन सुनिश्चित करना है. इस क्षेत्र में शांति-स्थिरता की बात इसलिए ज्यादा जरूरी हो जाती है क्योंकि चीन भी इधर अपना दबदबा बढ़ाने की कोशिश में जुटा है. खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र की बात करें तो इसमें दुनिया के 38 देश शामिल हैं.

malabar exercise

Image Courtesy: Google.com

हिंद-प्रशांत क्षेत्र को समझिए

हिंद-प्रशांत (Indo Pacific) की क्षेत्र की जहां तक बात है तो हम बचपन से पढ़ते आए हैं कि पूरी दुनिया में पांच महासागर हैं, जिनमें हिंद महासागर और प्रशांत महासागर भी शामिल है. यही हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के कुछ समुद्री हिस्से को मिलाकर हिंदी में हिंद-प्रशांत क्षेत्र और अंग्रेजी में इंडो-पैसिफिक एरिया कहते हैं. इसी इलाके में शांति और सुरक्षा स्थापित करने समेत चीन के बढ़ते दबदबे को कम करने के लिए चारों देश साथ आए हैं. चीन और रूस जहां इसके विरोध में हैं तो वहीं कई अन्य देश चीन की नाराजगी को ध्यान में रखते हुए कुछ बोलने से बचते नजर आते हैं. मतलब सभी देशों का इस पर स्टैंड अभी साफ नहीं है.

malabar exercise

Image Courtesy: Google.com

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क्वाड देशों का मालाबार सैन्य अभ्यास (Malabar Naval Exercise)

हिन्दुस्तान ने हिंद महासागर क्षेत्र में फ्रांस के साथ मिलकर ज्वाइंट पेट्रोलिंग (Joint Patrolling) भी की थी, जिसके बाद ये कयास लगाए जाने लगे थे कि क्वाड का सैन्यीकरण हो सकता है, हालांकि भारत इसे नकारता रहा है. इससे इतर साल 2020 में चारों देशों भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान के बीच मालाबार सैन्य अभ्यास (Military Exercises) हो चुका है. बता दें कि साल 1992 से अमेरिका और भारत के बीच शुरू हुआ द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास साल 2002 तक तीन बार आयोजित हुआ. जबकि साल 2002 के बाद से हर साल इसे आयोजित किया जा रहा है. साल 2020 में ऐसा पहली बार हुआ जब क्वाड के सभी देशों ने इसमें हिस्सा लिया. शायद यही वजह है कि इसे सैन्य संगठन नाटो की तरह देखा जा रहा है, हालांकि क्वाड सदस्य देश इससे लगातार इनकार कर रहे हैं.

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