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Homeसाइंस एंड इनोवेशनक्यों हो रहा है 5G नेटवर्क का विरोध ?

क्यों हो रहा है 5G नेटवर्क का विरोध ?

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एक दिन हमारे फोन में नेट ना हो तो पूरा दिन जैसे हमे बहोत फालतू लगता है, जैसे मानो एक पल के लिए लगता है जिंदगी कही थम गई हो। क्योंकि इंटरनेट ने हमारे सामान्य जीवन को इतना प्रभावित कर दिया है की हम उसके बिना रह ही नहीं सकते। कोई भी छोटा या बड़ा काम हो आपके पास नेट है तो आप घर पर बैठे बैठे वो सारा काम निपटा सकते है। उसमे आपके पास अगर 5g नेट आ जाए वो भी फूल स्पीड में… तो फिर बात ही कुछ अलग होगी। लेकिन ये आज कल 5g को लेकर आखिर विरोध हो क्या रहा है ? जानने के लिए पहले हमे ये जानना बहोत जरूरी है की ये 5g है क्या और कैसे काम करता है? 

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5G MOBILE TOWER : GOOGLE IMAGE

क्यों हो रहा है विरोध ?

भारत समेत दुनिया भर में लोगों को (5G) नेटवर्क से काफी उम्मीदे हैं। वहीं भारत समेत विश्वभर में आज 5G नेटवर्क का विरोध हो रहा है। विरोध करने वाले इसे धरती के लिए बड़ा खतरा बता रहे हैं। देश के सरकारी पैनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 5जी के साथ डाटा नेटवर्क स्पीड 2 से 20 जीबी प्रति सेकेंड तक होने की उम्मीद है। अभी दुनिया के 34 देशों के 378 शहरों में ही 5जी इंटरनेट उपलब्ध है। अभी इस पर पर्याप्त अध्ययन करने की जरूरत है, जिससे कई और जानकारियां सामने आ सकती हैं। यही वजह है कि अभी इस तकनीक को लेकर विशेषज्ञों में अलग-अलग मत है। कुछ इसे डिजिटल वर्ल्ड के लिए आवश्यक बताते हैं तों वहीं ऐसे विशेषज्ञों की भी कमी नहीं है जो कि इसे धरती के लिए बड़ा खतरा मानते हैं। भारत के लिए इस तकनीक को पूरी तरह से लागू कर पाना एक बड़ी चुनौती है।

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5G नेटवर्क के फायदे और नुकशान :

हमने एक कहावत तो बचपन से सुनी है की, हर सिक्के के दो पहलू होते है, एक अच्छा और एक बुरा… ऐसा ही कुछ है, 5g नेटवर्क के साथ… भारत में वर्ष 2021 के अंत तक 5जी इंटरनेट लॉच हो सकता है। 5g नेटवर्क के अलग ही फायदे है इंटरनेट की रफ्तार 20 से 100 गुना तेज हो जाएगी। बड़े से बड़े डेटा को आसानी से अपलोड, डाउनलोड या ट्रांसफर किया जा सकेगा। अभी जो फिल्म 5-10 मिनट में डाउनलोड होती है, वो चंद सेकेंड में डाउनलोड होगी। हाई क्वॉलिटी वीडियो या गेम का मजा बिना किसी रुकावट के लिया जा सकेगा। घर के सभी स्मार्ट डिवाइसेज को फोन से कनेक्ट कर बाहर से कंट्रोल कर सकेंगे। एक साथ कई यूजर्स जुड़ने पर भी इंटरनेट की रफ्तार कम नहीं होगी। अभी जो काम कंप्यूटर या लैपटॉप से ही हो सकते हैं, उन्हें मोबाइल से भी किया जा सकेगा। तेज रफ्तार इंटरनेट से रोबोट, ड्रोन और ऑटोमैटिक वाहनों का संचालन आसान होगा।

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कहते है ना की फायदे के साथ हमे नुकशान के बारे में भी सोचना जरूरी है। 5g से इंटरनेट यूजर्स की निजता को सबसे बड़ा खतरा है। टेक्निकल युनिवर्सिटी ऑफ बर्लिन के अनुसार हैकर्स यूजर्स का डाटा ज्यादा तेजी और आसानी से हैक कर सकते हैं। नीदरलैंड के हेग शहर में कुछ माह पहले 5G टेस्टिंग के दौरान अचानक 297 पक्षियों की मौत हो गई थी। इसके लिए ज्यादा बैंडविथ की आवश्यकता होती है, जिसके लिए टॉवरों की संख्या कई गुना बढ़ानी होगी। पर्याप्त मोबाइल टॉवर न होने पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या मौजूदा समय से बढ़ जाएगी। मोबाइल टॉवर्स को रेडियेशन के लिए खतरनाक माना जाता है, लिहाजा तमाम देशों में लोग इसका विरोध करते हैं। 5G नेटवर्क के लिए 6GHz रेडियो फ्रीक्वेंसी की जरूरत होगी, जो पहले ही सैटेलाइट्स व अन्य सिग्नल से भरी हुई है। रेडियो फ्रीक्वेंसी भी तेज रफ्तार इंटरनेट उपलब्ध कराने की राह में रोड़ा डाल सकती है। WHO के अनुसार रिडेयो फ्रिक्वेंसी बढ़ने से शरीर का तापमान बढ़ता है,  हालांकि स्वास्थ्य को ज्यादा नुकसान नहीं है।

यही वजह है कि अप्रैल 2020 में नीदरलैंड में 5G नेटवर्क का विरोध कर रहे लोगों ने कई टेलीफोन टॉवर तोड़कर उन्हें आग के हवाले कर दिया था। इनकी चिंता 5G नेटवर्क के संभावित खतरों और निजता की सुरक्षा को लेकर है। जनवरी में डैम स्क्वॉयर पर लगभग 100 लोगों ने एकत्र होकर 5जी नेटवर्क का विरोध किया था। जो विरोध अब धीमे धीमे भारत में भी देखने को मिल रहा है। साथ ही में ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि‍ की गयी है कि,  मोबाइल के ज्यादा यूज से मानसिक बीमारी, कान बजना, जोड़ों में दर्द, समेत कई दिक्कते शुरू हो जाती है। इसके अलावा इससे निकलने वाले रेडिएशन से कैंसर,  बीपी और हृदय रोग जैसी समस्याएं भी पैदा होने लगती है।

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